वाराणसी: बेटी से दरिंदगी मामले में नया मोड़, जिस मां ने पति पर दर्ज कराया था केस, अब वही गिरफ्तार
सौतेले पिता के घिनौने कृत्य में शामिल थी सगी मां; पीड़िता के बयान के बाद मिर्जामुराद पुलिस ने भेजा जेल
वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और अपहरण के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जिस मां ने अपने पति (किशोरी के सौतेले पिता) के खिलाफ बेटी से दरिंदगी का मुकदमा दर्ज कराया था, पुलिस ने जांच के बाद उसी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। किशोरी के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर इस घिनौने अपराध में मां की साजिश सामने आई है।

गर्भपात की आशंका से खुला राज:
जानकारी के अनुसार करीब एक महीने पहले किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर यह मामला सामने आया था। इसके बाद मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआत में मां की तहरीर पर सौतेले पिता के खिलाफ पोक्सो एक्ट, दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया गया। आरोप था कि सौतेला पिता किशोरी को डरा-धमकाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 दिन पहले आरोपी सौतेले पिता को लालपुर चट्टी के पास नहर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।।केस दर्ज होने के बाद जब पुलिस ने पीड़िता (किशोरी) का बयान दर्ज किया, तो पूरी कहानी बदल गई।

मां ही भेजती थी सौतेले पिता के पास
किशोरी ने पूछताछ में बताया कि उसकी सगी मां ही उसे सौतेले पिता के पास जबरन भेजती थी, खासकर तब जब आरोपी नशे में होता था। षड्यंत्र और झूठा मुकदमा: जांच में सामने आया कि महिला ने पूरे मामले को अलग मोड़ देने और खुद को बचाने के लिए पति के खिलाफ केस दर्ज कराया था। किशोरी के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मां को भी इस अपराध का सह-आरोपी बनाया और उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

मिर्जामुराद थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने कहा कि "पीड़िता के बयान और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर मां की भूमिका संदिग्ध पाई गई। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच जारी है, साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
