Varanasi: 'भाग्यलक्ष्मी' ऐप के जरिए सट्टेबाजी का बड़ा सिंडिकेट ध्वस्त, वाराणसी साइबर पुलिस ने सरगना समेत 8 को दबोचा
यूपी पुलिस के 'साइबर बच' अभियान के तहत वाराणसी साइबर थाने की बड़ी कार्रवाई; 11 मोबाइल, ₹68,400 नकद बरामद।
वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'साइबर बच' के तहत वाराणसी के साइबर क्राइम थाने को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर पुलिस ने सदर बाजार क्षेत्र में मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए संचालित हो रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी (Online Betting) गिरोह का भंडाफोड़ किया है।


पुलिस ने इस सट्टेबाजी सिंडिकेट के मुख्य सरगना पवन अग्रहरि सहित कुल 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल होने वाले 11 मोबाइल फोन और सट्टेबाजी के 68,400 रुपये नकद बरामद किए हैं।
ऑनलाइन ऐप के जरिए फंसाते थे जाल में
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह 'भाग्यलक्ष्मी' नामक मोबाइल ऐप के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के दलदल में धकेलता था। इसकी सूचना मिलने पर साइबर क्राइम थाने की टीम ने जाल बिछाया और पूरे गिरोह को धर दबोचा।

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह का मुख्य संचालक (मास्टरमाइंड) पवन अग्रहरि है, जो तकनीक का सहारा लेकर अवैध वित्तीय सट्टेबाजी का पूरा सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, तकनीकी सहयोगियों और इस ऐप से वित्तीय लाभ कमाने वाले अन्य सफेदपोशों की पहचान करने के लिए बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है।

BNS, IT और जुआ अधिनियम के तहत FIR दर्ज
गिरफ्तार सभी आठों अभियुक्तों के खिलाफ साइबर क्राइम थाना वाराणसी में मुकदमा अपराध संख्या- 31/2026 के अंतर्गत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इसमें:
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भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4), 61 (2)
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सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66D
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उत्तर प्रदेश सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 13 शामिल हैं।
पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इस अवैध ऐप के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस की सजग टीम
इस बड़े खुलासे को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह, निरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद, निरीक्षक विपिन यादव, उ0नि0 आलोक सिंह यादव, उ0नि0 संजीव कनौजिया, उ0नि0 आलोक रंजन सिंह, उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार, उ0नि0 विवेक सिंह, हे0का0 पुनिता यादव, म० हे0का0 साधना सिंह, हे0का0 रजनीकांत, हे0का0 चन्द्रशेखर यादव और अन्य जवान शामिल रहे।
⚠️ साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा आमजन हेतु सावधानी संदेश (Advisory):
सट्टेबाजी से रहें दूर: किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ अथवा रातों-रात त्वरित लाभ देने वाले संदिग्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दूरी बनाकर रखें।
संदिग्ध लिंक पर न करें क्लिक: सोशल मीडिया या व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर मिलने वाले किसी भी बेटिंग या अनधिकृत गेमिंग लिंक पर कभी क्लिक न करें।
वैधता की जांच करें: किसी भी एप्लीकेशन या वेबसाइट पर पैसा निवेश करने या ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले उसकी सरकारी संबद्धता और वैधता की जांच अवश्य करें।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत यहाँ शिकायत करें: यदि आप किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (Online Financial Fraud) का शिकार होते हैं, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक सरकारी पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
