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वाराणसी : जामताड़ा में खपाने जा रहे 2500 मोबाइल और 113 सिमकार्ड के साथ 5 गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल कनेक्शन आया सामने
 

कपसेठी पुलिस ने बंद पड़े ढाबे के पास खड़ी डीसीएम से पकड़े 445 एंड्रॉयड और 2055 कीपैड फोन; मुर्शिदाबाद से जुड़ा है नेटवर्क

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भदैनी मिरर, वाराणसी। कपसेठी थाना पुलिस ने साइबर ठगी और मोबाइल तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 17 अक्टूबर की रात चेकिंग के दौरान बरकी पेट्रोल पंप के पास एक बंद पड़े ढाबे के समीप खड़ी डीसीएम से भारी मात्रा में मोबाइल फोन और सिमकार्ड बरामद किए हैं। डीसीएम की बोरियों में भरकर झारखंड के जामताड़ा और अन्य राज्यों में खपाने के लिए ले जाए जा रहे 2500 मोबाइल फोन के साथ पश्चिम बंगाल के रहने वाले पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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कबाड़ के नाम पर जुटाए जाते थे पुराने और चोरी के फोन


पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि ये आरोपी अलग-अलग गांवों और शहरों में फेरी लगाकर कबाड़ के नाम पर पुराने मोबाइल फोन खरीदते थे। इनमें से कई फोन चोरी के भी होते थे। आरोपियों का यह गिरोह मोबाइलों को इस तरह खराब या निष्क्रिय कर देता था जिससे वे ट्रेस न हो सकें। इसके बाद इन्हें झारखंड के जामताड़ा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में खपाया जाता था।

कपसेठी थाने की पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि भदोही की तरफ से कछवां रोड की ओर गई एक डीसीएम (संख्या के आधार पर) बरकी पेट्रोल पंप के पास खड़ी है। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर वाहन की तलाशी ली, तो दंग रह गई। बोरियों के भीतर से भारी जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने 445 पीस एंड्रॉयड फोन, 2055 पीस कीपैड मोबाइल मिलाकर  2500 पीस फोन और अलग-अलग कंपनियों के 113 सिमकार्ड बरामद किया है। तलाशी में आरोपियों के पास से 2149 रुपये नकद भी मिला है।


पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से जुड़े हैं तार, जामताड़ा कनेक्शन की जांच


पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। इनकी पहचान बाबुर अली (36 वर्ष), 
मंटू खां (56 वर्ष), नारजूल शेख (34 वर्ष), लालबाबू शेख (31 वर्ष) और मिलन शेख (44 वर्ष) के रुप में हुई है। 
पुलिस ने कपसेठी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 317(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क से हो सकती है साठगाँठ

प्रारंभिक पूछताछ में झारखंड के जामताड़ा में मोबाइलों की बिक्री की बात सामने आने के बाद पुलिस अब इसे साइबर क्राइम से जोड़कर देख रही है। हालांकि, बरामद मोबाइलों का अभी किसी विशिष्ट साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने की औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि ये मोबाइल असल में कहां से चुराए या खरीदे गए थे और इनके साथ बरामद 113 सिमकार्ड का इस्तेमाल किन फर्जी खातों या ठगी के कारनामों में किया जाना था। जांच पूरी होने के बाद इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है।