Varanasi: मनीष हत्याकांड के आरोपियों को पनाह देने वाले 5 गिरफ्तार, फरार 5 मुख्य अभियुक्तों पर इनाम बढ़कर हुआ 50-50 हजार
जौनपुर और वाराणसी से पकड़े गए मददगार; कार, पैसे और मोबाइल देकर कातिलों को भगाने में की थी मदद
कोर्ट में सरेंडर की अर्जी के बाद कचहरी में पुलिस का पहरा
वाराणसी,भदैनी मिरर। जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में हुए चर्चित उद्यमी मनीष सिंह हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। हत्यारोपियों को सुरक्षित छिपाने, उन्हें भागने के लिए कार, नगदी और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के आरोप में पुलिस ने जौनपुर और वाराणसी के पांच मददगारों को गिरफ्तार किया है।


वहीं, दूसरी ओर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस कमिश्नरेट ने फरार पांचों मुख्य अभियुक्तों पर घोषित इनाम की राशि को 25 हजार से बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया है।
इन मददगारों को पुलिस ने दबोचा
डीसीपी गोमती जोन नीतू के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने जानबूझकर हत्या जैसे जघन्य अपराध के आरोपियों को पनाह दी और साक्ष्य मिटाने में मदद की। गिरफ्तार अभियुक्तों में किशन कुमार (केशवपुर, जौनपुर), आशीष कुमार (केशवपुर, जौनपुर), अजय कुमार (समोगरा, फूलपुर), शिव मोहन राजभर (समोगरा, फूलपुर) और प्रदीप भारद्वाज (रैचनपुर, चोलापुर) शामिल है।

सर्विलांस और 400 कैमरों की मदद से खुला राज
थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस ने करीब 70 मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लिया था। जांच में पता चला कि ये पांचों व्यक्ति लगातार फरार हत्यारोपियों के संपर्क में थे। पुलिस ने घटना के रूट पर लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे आरोपियों की मूवमेंट और उन्हें मदद पहुंचाने वालों की पुष्टि हुई।

मुख्य आरोपियों पर 50 हजार का इनाम, सरेंडर की फिराक में कातिल
हत्याकांड के मुख्य आरोपी आशीष राजभर, मनीष राजभर, दीपक राजभर, गोविंद और नागेंद्र राजभर अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इनके खिलाफ 50 हजार का इनाम घोषित है। शनिवार को इनमें से चार आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दी थी। इस इनपुट के बाद रविवार और सोमवार को कचहरी परिसर के आसपास पुलिस ने तगड़ा घेरा बना दिया है ताकि आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर आत्मसमर्पण न कर सकें।
क्या था पूरा मामला?
बीते 26 अप्रैल की रात घमहापुर गांव में एक अनियंत्रित कार से महिला को टक्कर लगने के बाद विवाद हुआ था। इस दौरान भीड़ ने कार चालक और युवा उद्यमी मनीष सिंह को उनके घर के पास ही पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद से ही पूरे पूर्वांचल में आक्रोश है।
सियासी दिग्गजों का लगा रहा जमावड़ा
मनीष सिंह की हत्या के बाद शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए उनके आवास पर नेताओं का तांता लगा रहा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, भाजपा विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सुशील सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह और बृजेश सिंह समेत कई बड़े नेताओं ने परिजनों से मुलाकात कर जल्द न्याय का आश्वासन दिया।
मनीष हत्याकांड: घटनाक्रम एक नजर में
- 26 अप्रैल: मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या, 4 आरोपी तुरंत गिरफ्तार।
- 28 अप्रैल: 5 मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित।
- 01 मई: त्वरित न्याय के लिए अधिवक्ताओं का प्रदर्शन।
- 02 मई: 4 मुख्य आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर के लिए आवेदन दिया।
- 03 मई: आरोपियों को शरण देने वाले 5 मददगार गिरफ्तार और मुख्य आरोपियों पर इनाम बढ़कर 50 हजार हुआ।
