कैमरे में कैद हुआ रिश्वत का खेल! बेंगलुरु में GST अधिकारी 8 लाख रुपये लेते पकड़े गए
लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई में सेंट्रल GST के अधीक्षक मोहित प्रताप सिंह पर रिश्वत लेने का आरोप, बिचौलिये के जरिए रकम लेने की बात
बेंगलुरु, 18 सितंबर
बेंगलुरु सिटी लोकायुक्त ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए सेंट्रल GST के एक अधीक्षक को कथित तौर पर 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान रिश्वत लेने की घटना कैमरे में भी कैद होने की बात सामने आई है।
लोकायुक्त के अनुसार, आरोपी की पहचान मोहित प्रताप सिंह के रूप में हुई है, जो सेंट्रल GST, साउथ डिवीजन-4, साउथ कमिश्नरेट में अधीक्षक के पद पर तैनात हैं।

लंबित GST मामले को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप
लोकायुक्त के मुताबिक, शिकायतकर्ता सैयद ज़मीर ने आरोप लगाया था कि मोहित प्रताप सिंह ने उनसे 8 लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि यह रकम लंबित सेंट्रल GST बकाये से जुड़े मामले में कथित तौर पर शिकायत को बंद करने के लिए मांगी गई थी।
शिकायत मिलने के बाद बेंगलुरु सिटी लोकायुक्त के अधिकारियों ने मामले की जांच की और ट्रैप की योजना बनाई। अधिकारियों के अनुसार, इसी कार्रवाई के दौरान आरोपी अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए पकड़ा गया।

बिचौलिये के जरिए ली गई रकम
लोकायुक्त के अनुसार, इस लेन-देन में सलमान शेख नामक एक निजी व्यक्ति ने कथित तौर पर बिचौलिये की भूमिका निभाई। उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रैप कार्रवाई कोरमंगला स्थित केंद्रीय सदन में की गई, जहां आरोपी अधिकारी के चैंबर में कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार की गई।

भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस
लोकायुक्त ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7A, जिसे 2018 में संशोधित किया गया था, के तहत केस दर्ज किया गया है।
फिलहाल लोकायुक्त की ओर से मामले में आगे की जांच की जा रही है। आरोपों और ट्रैप कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
