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जुआ प्रकरण: विभागीय जांच में दोषी पाए गए निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता, एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं

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जुआ प्रकरण: विभागीय जांच में दोषी पाए गए निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता, एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं
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जुआ प्रकरण: विभागीय जांच में दोषी पाए गए निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता, एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं

वाराणसी, भदैनी मिरर। पहड़िया स्थित रुद्रा हाइट्स अपार्टमेन्ट (सारनाथ) में जुआ खेल रहे व्यापारियों से 41 लाख रुपए लूट कांड में पुलिस नामजद आरोपी इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता पर मेहरबान है. पुलिस ने सीएम के कथित ओएसडी और इंस्पेक्टर के दोस्त धर्मेंद्र को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन अपने ही विभाग के आरोपी इंस्पेक्टर को एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी.

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जुआ प्रकरण: विभागीय जांच में दोषी पाए गए निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता, एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं
जुआ प्रकरण: विभागीय जांच में दोषी पाए गए निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता, एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं

उधर, पूरे प्रकरण की विभागीय जांच कर रहे आईपीएस अफसर एडीसीपी वरुणा जोन सरवणन टी ने अपनी रिपोर्ट पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल को सौंप दी है. रिपोर्ट में निलम्बित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता दोषी पाया गया है. जांच रिपोर्ट के अनुसार निलंबित इंस्पेक्टर ने अपार्टमेंट में जुआ खेलने की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को नहीं दी थी. वह सरकारी जीप से प्राइवेट आदमी को लेकर वह अपार्टमेंट में गया. रिपोर्ट में निलम्बित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता को अनुशासनहीनता और कदाचार का दोषी पाया गया है.

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जुआ प्रकरण: विभागीय जांच में दोषी पाए गए निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता, एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं
जुआ प्रकरण: विभागीय जांच में दोषी पाए गए निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता, एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं

बता दें, सात नवंबर की आधी रात निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता अपने दोस्त धर्मेंद्र चौबे के साथ रुद्रा हाइट्स अपार्टमेन्ट में गया. जहां हाइप्रोफाइल जुआ खेल रहे व्यापारियों के कमरे में घुसा. आरोप है कि व्यापारियों को कड़ी कार्रवाई का भय दिखाकर 41 लाख रुपए बैग में भरकर चल दिए. इंस्पेक्टर के दोस्त ने खुद को गार्ड से सीएम का ओएसडी बताया. अपार्टमेंट से निकलने के दौरान वहां लगे सीसी कैमरे में दोनों की तस्वीर कैद हो गई थी.

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जुआ प्रकरण: विभागीय जांच में दोषी पाए गए निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता, एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं

फोटो और मामला सार्वजनिक होने से सीपी ने इसकी जांच कराई तो प्रथम दृष्टया मामला सही निकला. सारनाथ इंस्पेक्टर रहे परमहंस गुप्ता को निलंबित करने के साथ ही 14 नवंबर को नामजद प्राथमिकी करवाई गई. मामला सार्वजनिक हुआ और उसे उच्चाधिकारियों ने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया तो वह नहीं आया. जांच में पुलिस का सहयोग भी नहीं किया. घटना के एक माह से ऊपर बीत जाने के बाद भी विवेचक इंस्पेक्टर को न तो गिरफ्तार कर पा रहे है और न ही गैर जमानत वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी दी है.

जुआ प्रकरण: विभागीय जांच में दोषी पाए गए निलंबित इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता, एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं
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