Sonbhadra: सोनभद्र में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही! साल भर पहले सील हुए अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौत, शव छोड़कर डॉक्टर फरार
Sonbhadra News: सोनभद्र में सील अस्पताल के भीतर प्रसव के दौरान महिला की मौत, बेड पर शव छोड़कर भागे डॉक्टर
सोनभद्र (भदैनी मिरर डेस्क): उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से स्वास्थ्य महकमे और निजी अस्पतालों की साठगांठ को उजागर करने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ कोन थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में प्रसव (डिलीवरी) के लिए भर्ती कराई गई 38 वर्षीय महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई।


हैरान करने वाली बात यह है कि महिला की मौत होते ही डॉक्टर और पूरा स्टाफ शव को ऑपरेशन बेड पर ही छोड़कर मौके से फरार हो गया। शनिवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित है।

एक साल पहले सील हुआ था अस्पताल, फिर कैसे खुला?
स्थानीय ग्रामीणों और जांच में सामने आई सबसे बड़ी बात यह है कि जिस ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में यह वारदात हुई, उसे करीब एक साल पहले गंभीर लापरवाही के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा सील (Seal) किया गया था। लेकिन बिना किसी पुख्ता सुधारात्मक कदम के इस अस्पताल का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया, जिसने आज एक महिला की जान ले ली।

आर्थिक लाभ के लिए जबरन किया गया ऑपरेशन!
बागेसोती क्षेत्र के सिंगा गांव निवासी देवनारायण ने बताया कि उनकी पत्नी सीमा देवी (38) को शुक्रवार देर रात प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस के जरिए इस अस्पताल में लाया गया था।
परिजनों के गंभीर आरोप:
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अस्पताल के डॉक्टरों ने मोटी रकम (आर्थिक लाभ) कमाने के चक्कर में आते ही तत्काल ऑपरेशन (सिजेरियन) करने का दबाव बनाया।
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सीमा देवी के इससे पहले चार प्रसव पूरी तरह नॉर्मल (सामान्य) हुए थे।
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अस्पताल में न तो पर्याप्त चिकित्सीय सुविधाएं थीं और न ही कोई विशेषज्ञ डॉक्टर, फिर भी जोखिम भरा ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
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ऑपरेशन के दौरान ही सीमा देवी की हालत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।
बेड पर छोड़ भागे डॉक्टर: जैसे ही डॉक्टरों को अहसास हुआ कि महिला की मौत हो चुकी है, वे परिजनों को सूचना दिए बिना ही क्लीनिक बंद कर भाग निकले।
परिजनों का हंगामा, मौके पर पहुंची पुलिस
शनिवार की सुबह जैसे ही यह खबर इलाके में फैली, भारी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर हत्या जैसी लापरवाही का आरोप लगाते हुए सक्षम अधिकारियों को मौके पर बुलाने और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
क्या कहती है पुलिस और प्रशासन?
सूचना मिलते ही कोन थाने की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए मामले की जानकारी जिले के आला अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को दे दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों की तरफ से लिखित तहरीर मिलते ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, दूसरी तरफ एक बार फिर सील अस्पताल के दोबारा संचालित होने को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
