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वाराणसी: साड़ी फर्म में गबन के मामले में आरोपित मनीष शर्मा को कोर्ट से जमानत

जरी व रेशम की साड़ियां गायब कर बेचने का आरोप, एडीजे कोर्ट ने दो जमानतों पर दी राहत

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Anuj yadav
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वाराणसी, भदैनी मिरर। साड़ी फर्म में कार्य करने के दौरान जरी और रेशम की साड़ियों को गायब कर बाजार में बेचने और उसकी रकम का गबन करने के मामले में आरोपित को कोर्ट से राहत मिल गई है। अपर जिला जज (त्रयोदश) विनोद कुमार की अदालत ने घीहट्टा, औरंगाबाद निवासी आरोपित मनीष शर्मा को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र प्रस्तुत करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

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अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल एवं संदीप यादव ने पक्ष रखा।


क्या है पूरा मामला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मंगलम रिटेल, बड़ादेव, गोदौलिया निवासी परिवादिनी ने अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत परिवाद दाखिल किया था। परिवाद में आरोप लगाया गया कि उसकी साड़ी फर्म में घीहट्टा, औरंगाबाद निवासी मनीष शर्मा, मकरीखोह मिर्जापुर निवासी करन उर्फ शिवम सिंह राठौर, कबीरचौरा निवासी रतन यादव, मध्यमेश्वर निवासी राहुल सेठ और रामापुरा निवासी विजय मिश्रा कार्यरत थे।

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परिवादिनी के अनुसार, फर्म की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए विभिन्न तिथियों पर आरोपितों को एडवांस धनराशि दी गई थी। एडवांस लेने के बाद आरोपितों के व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा, जिससे संदेह उत्पन्न हुआ। कुछ दिनों बाद सभी आरोपित दुकान पर आना बंद कर दिए।

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जब परिवादिनी ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपितों ने संपर्क करना बंद कर दिया। इसके बाद जब फर्म में संबंधित काउंटर का भौतिक सत्यापन कराया गया तो करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य की जरी व रेशम की साड़ियां गायब पाई गईं। आरोप है कि इन साड़ियों को आरोपितों ने बाजार में बेचकर उसका मूल्य प्राप्त कर लिया।
मामले में आरोपित मनीष शर्मा ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत में समर्पण कर जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसे जमानत प्रदान कर दी।