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 10 करोड़ की संपत्ति के लिए मुख्तार के बेटे उमर ने किया था फर्जीवाड़ा, कोर्ट में हुई पेशी

आईएस 191 गैंग के सरगना मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर पर मां आफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में दस्तावेज दाखिल करने का आरोप, गैंगस्टर एक्ट में जब्त संपत्ति को छुड़ाने की थी साजिश।
 

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Umar Ansari
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गाजीपुर, भदैनी मिरर। जालसाजी और फर्जीवाड़े के आरोप में माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को पुलिस ने रविवार देर रात लखनऊ के दारूलशफा स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार कर लिया। सोमवार सुबह पुलिस उमर को लेकर गाजीपुर पहुंची और कोर्ट में पेश किया।

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आरोप है कि उमर अंसारी ने 50 हजार की इनामी और अपनी मां आफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर एक शपथ पत्र अदालत में दाखिल किया। यह फर्जीवाड़ा 10 करोड़ रुपये की कुर्क संपत्ति को बचाने के लिए किया गया था।

पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के डेवड़ी बल्लभ दास स्थित जमीन, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है, गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की गई थी। इस संपत्ति को अवमुक्त कराने के लिए अदालत में याचिका दायर की गई, जिसमें उमर अंसारी ने अवैधानिक लाभ लेने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपनी मां के हस्ताक्षर जालसाजी से किए।

एसपी के मुताबिक, यह जब्त संपत्ति आईएस 191 गैंग के पूर्व सरगना मुख्तार अंसारी (मृत) से संबंधित है। मामला सामने आने के बाद मुहम्मदाबाद पुलिस ने उमर अंसारी और उनके वकील लियाकत अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस का कहना है कि उमर की इस करतूत का मकसद गैंगस्टर एक्ट में जब्त संपत्ति को किसी भी तरह मुक्त कराना था, जिसके लिए उन्होंने सोची-समझी रणनीति के तहत यह फर्जीवाड़ा किया।