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वाराणसी कैंट स्टेशन पर जीआरपी-RPF की बड़ी कार्रवाई: ₹1.95 करोड़ का सोना व डायमंड आभूषण जब्त, गुजरात के 2 युवक हिरासत में

वाराणसी: आगामी श्रावण मास के मद्देनजर कैंट रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने प्लेटफॉर्म 6/7 से सूरत (गुजरात) के दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा। उनके पास से डायमंड घड़ी, चेन और सोने की अंगूठियां समेत ₹1,95,64,897 मूल्य के आभूषण मिले।

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वाराणसी (भदैनी मिरर): आगामी पवित्र श्रावण मास के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वाराणसी के कैंट (वाराणसी जंक्शन) रेलवे स्टेशन पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए स्टेशन परिसर से लगभग 1 करोड़ 95 लाख 64 हजार 897 रुपये मूल्य के सोने व डायमंड (हीरे) के कीमती आभूषण बरामद किए हैं। मामले में गुजरात के दो युवकों को हिरासत में लिया गया है।

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प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 से संदिग्ध अवस्था में पकड़े गए

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को श्रावण मास की सुरक्षा के तहत जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी के जवान संयुक्त रूप से स्टेशन पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 के लोहता साइड में दो युवक अत्यंत संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए।

सुरक्षा बलों के जवानों ने जब दोनों को रोककर पूछताछ की, तो उन्होंने अपने पास सोने व हीरे की भारी मात्रा में ज्वेलरी होने की बात स्वीकार की। तलाशी लेने पर उनके पास से हीरे की घड़ी, डायमंड चेन और सोने की कई अंगूठियों समेत भारी मात्रा में आभूषण बरामद हुए।

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सूरत के रहने वाले हैं आरोपी, जौनपुर ले जाने की थी योजना

जीआरपी कैंट रेलवे स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक रजोला नागर ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने अपना संबंध गुजरात के सूरत शहर से बताया है। आभूषणों के गंतव्य के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस बहुमूल्य खप को जौनपुर ले जा रहे थे।

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आयकर विभाग (Income Tax) की टीम जांच में जुटी

मामले की संवेदनशीलता और बरामद संपत्ति के बड़े मूल्य को देखते हुए जीआरपी अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से आयकर विभाग (Income Tax Department) को सूचित किया। आयकर विभाग की टीम थाना हाजा (जीआरपी थाना) पहुंचकर आभूषणों के बिल, वैध कागजातों और इनके स्रोत (Source of Origin) की विस्तृत जांच-पड़ताल कर रही है। विभाग यह पता लगा रहा है कि इतनी बड़ी रकम के आभूषणों का इस्तेमाल टैक्स चोरी या किसी अन्य अवैध लेन-देन के लिए तो नहीं किया जा रहा था।