IIT BHU गैंगरेप केस: फास्ट ट्रैक कोर्ट में सीसीटीवी साक्ष्यों पर हुई जिरह, अब 25 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सिटी कमांड सेंटर के सिपाही का बयान दर्ज किया गया, कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की नए गवाह पेश करने की अर्जी को भी किया मंजूर
वाराणसी (भदैनी मिरर): आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) परिसर में छात्रा के साथ हुए बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई अब तेज हो गई है। शनिवार को वाराणसी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में इस गंभीर मामले की अहम सुनवाई हुई।


सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों पर हुई जिरह
अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी (ADGC) मनोज गुप्त ने सिटी कमांड सेंटर के सिपाही अनिल प्रजापति का बयान दर्ज कराया, जिन्होंने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए थे। इस दौरान आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल के अधिवक्ता अजय सिंह और राजीव रंजन सिंह ने सिपाही से जिरह की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है।

नए गवाह पेश करने की अर्जी मंजूर
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के अन्य गवाहों को पेश करने का आवेदन स्वीकार कर लिया है। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि बीएचयू कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के प्रमाणपत्र को केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है, लेकिन इसे देने वाले गवाह का नाम चार्जशीट में दर्ज नहीं था। इसके अलावा, आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन के संदर्भ में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), आईपीएडीआर (IPDR), कैफ और जीपीआरएस (GPRS) की प्रमाणित प्रतियां भी प्राप्त कर ली गई हैं। सुनवाई के दौरान अदालत में अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी, कुंदन सिंह और संजीव चौबे भी मौजूद रहे।

क्या था पूरा मामला?
ज्ञात हो कि 2 नवंबर 2023 की देर रात बीएचयू परिसर में एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई थी। बाइक सवार तीन युवकों ने एक आईआईटी छात्रा को रोककर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था और उसका वीडियो भी बनाया था। पीड़िता की तहरीर पर वाराणसी के लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की विवेचना के बाद इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों— कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
