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वाराणसी में साइबर फ्रॉड: बैंक अधिकारी बन ठग ने 1 घंटे तक हैक किया मोबाइल, खाते से उड़ाए ₹1.93 लाख

गूगल से निकाला नंबर पड़ा भारी; KYC के नाम पर OTP लेकर क्रेडिट कार्ड और UPI से की ठगी, साइबर थाने में मुकदमा दर्ज

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वाराणसी (रामनगर) / भदैनी मिरर: कमिश्नरेट वाराणसी के रामनगर इलाके में साइबर ठगी का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शातिर साइबर जालसाज ने खुद को बैंक मैनेजर बताकर पहले पीड़ित का विश्वास जीता, फिर एक लिंक और ओटीपी (OTP) के जरिए करीब एक घंटे तक उनका मोबाइल फोन हैक कर रखा। इस दौरान ठग ने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड और यूपीआई (UPI) के जरिए ₹1.93 लाख की चपत लगा दी।

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गूगल से मिला फर्जी नंबर, ठग ने खुद को बताया मैनेजर

रामनगर निवासी पीड़ित एस.बी. तिवारी के अनुसार, सोमवार को उनके मोबाइल पर बैंक खाते की केवाईसी (KYC) और चेक क्लीयरेंस से जुड़ा एक संदेश आया था। मामले की सत्यता जानने के लिए उन्होंने अपने एक परिचित कर्मचारी से एसबीआई का हेल्पलाइन नंबर मांगा। कर्मचारी ने गूगल (Google) पर सर्च करके एक नंबर दे दिया। पीड़ित ने जैसे ही उस नंबर पर कॉल किया, सामने वाले व्यक्ति ने खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का बैंक मैनेजर बताया और केवाईसी अपडेट करने का झांसा दिया।

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1 घंटे तक हैक रहा मोबाइल, क्रेडिट कार्ड व UPI से उड़ाये पैसे

जालसाज ने पीड़ित के पास एक लिंक भेजा और ओटीपी हासिल कर लिया। इसके बाद साइबर ठग ने पीड़ित के मोबाइल को 'कॉल/एसएमएस डायवर्ट मोड' पर डाल दिया, जिससे उनके फोन पर किसी भी लेनदेन का अलर्ट या मैसेज नहीं आ सका।

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करीब एक घंटे तक मोबाइल हैक रखकर साइबर अपराधियों ने:

  • पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से ₹1.65 लाख की निकासी की।

  • बैंक खाते का नया यूपीआई (UPI) एक्सेस तैयार कर ₹28,000 और निकाल लिए।

साइबर थाने में मामला दर्ज, जांच शुरू

जब मोबाइल सामान्य हुआ और ठगी का अहसास हुआ, तो पीड़ित ने तत्काल दो घंटे के भीतर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (1930) पर भी ऑनलाइन शिकायत की।

मामले पर जानकारी देते हुए साइबर थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। जिस बैंक खाते और नंबरों का इस्तेमाल हुआ है, उन्हें ट्रेस कर मामले की तकनीकी जांच की जा रही है।