Movie prime
PMC_Hospital

वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला: युवती से दुष्कर्म और भाई को जिंदा जलाने वाले मामा-भांजे को उम्रकैद

14 साल पुराने सारनाथ के चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, दोनों दोषियों पर लगा भारी जुर्माना

Ad

 
Varanasi court
WhatsApp Group Join Now

Ad

वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): उत्तर प्रदेश की वाराणसी जिला एवं सत्र अदालत ने एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। युवती को नौकरी का झांसा देकर अगवा करने, दुष्कर्म करने और विरोध करने पर उसके भाई को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा मार डालने के 14 साल पुराने मामले में अदालत ने दो सगे मामा-भांजे को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है।

Ad
Ad

जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह द्वितीय की अदालत ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और पीड़िता के बयानों के आधार पर आरोपों को पूरी तरह सिद्ध किया है, और यह समाज में एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। सजा पाने वाले दोषियों में महेश्वर पांडेय (निवासी सिसवा, देवरिया) और उसका भांजा कुंजेश पांडेय (निवासी अमवा, देवरिया) शामिल हैं।

Ad

नौकरी दिलाने के बहाने मुंबई-गोवा ले जाकर किया दुष्कर्म

अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता को मुख्य गवाह (साक्षी संख्या एक) के रूप में अदालत में पेश किया गया था। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि साल 2012 में आरोपी महेश्वर पांडेय उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर पहले मुंबई और फिर वहां से गोवा ले गया। गोवा में आरोपी ने उसे बंधक बनाकर रखा और जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। आरोपी उसे डराता था कि यदि उसने विरोध किया या भागने की कोशिश की, तो वह वाराणसी में रहने वाले उसके माता-पिता और भाई को जान से मार देगा। भय के कारण पीड़िता लंबे समय तक उसके चंगुल में रही और इस दौरान उसने एक बच्ची को भी जन्म दिया।

Ad

चंगुल से भागकर आई वाराणसी, तो घर आकर भाई को लगा दी आग

आरोपी के जुल्मों से तंग आकर पीड़िता 12 अप्रैल 2016 को किसी तरह उसके चंगुल से भाग निकली और वाराणसी अपने घर पहुंची। इसके बाद भी आरोपी उसे फोन पर धमकियां देता रहा। हद तो तब हो गई जब 18 अप्रैल 2016 की सुबह आरोपी महेश्वर अपने भांजे कुंजेश पांडेय के साथ सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित पीड़िता के घर धमक गया।

दोनों आरोपी घर के पीछे के रास्ते से अंदर दाखिल हुए। जैसे ही पीड़िता का भाई बाहर निकला, आरोपियों ने गैलन में लाया पेट्रोल उस पर और पूरे घर में छिड़क कर आग लगा दी। इस भीषण अग्निकांड में घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया और पीड़िता का भाई बुरी तरह झुलस गया। उसे पहड़िया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़िता को भी मुंबई न लौटने पर जिंदा जलाने की धमकी दी थी।

अदालत ने सोमवार को इस जघन्य कृत्य के लिए दोनों दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया है।