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वाराणसी: एक ही रात परिवार के चार लोगों की हत्या, 12 साल बाद आरोपी को फांसी की सजा

चोलापुर हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, लोहे की रॉड से पति-पत्नी और दो बच्चों की थी निर्मम हत्या

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वाराणसी। जनपद के चर्चित चोलापुर हत्याकांड में करीब 12 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या के मामले में दोषी पाए गए रविंद्र उर्फ राजू पटेल को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।

यह सनसनीखेज वारदात 29 अक्टूबर 2013 को चोलापुर थाना क्षेत्र में हुई थी, जिसने पूरे पूर्वांचल को झकझोर कर रख दिया था।

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कोर्ट ने सुनाई सजा-ए-मौत

विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विनोद कुमार की अदालत ने आरोपी को चार हत्याओं का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर ₹1.05 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।

लोहे की रॉड से किया था हमला

अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने मोहन प्रसाद जायसवाल, उनकी पत्नी कुसुम उर्फ झूना, बेटे प्रदीप और बेटी पूजा की लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी।

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घटना के समय परिवार अपने घर में मौजूद था। शोर सुनकर अन्य सदस्य बाहर आए, लेकिन आरोपी ने किसी को नहीं छोड़ा और एक-एक कर सभी पर हमला करता गया।

छोटी सी बात पर रची खौफनाक साजिश

बताया गया कि मृतक मोहन जायसवाल, जो जल निगम में पंप ऑपरेटर थे, ने आरोपी को घर के पास शराब पीने, जुआ खेलने और मांसाहार बनाने से रोका था।

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इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

12 साल बाद मिला न्याय

इस मामले में चश्मदीद गवाहों की गवाही और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। घटना में घायल हुए दो गवाहों की पहचान और बयान इस केस में अहम साबित हुए।

करीब 12 साल 4 महीने बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी रोहित मौर्य सहित अन्य अधिवक्ताओं ने कोर्ट में पैरवी की, जिसके आधार पर आरोपी को सख्त सजा सुनाई गई।

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