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Blue Drum Case: मेरठ के चर्चित 'नीला ड्रम' हत्याकांड में मुस्कान और साहिल दोषी करार, कोर्ट बोली- 'तुम दोनों ने ही की सौरभ की हत्या'

13 महीने की कानूनी लड़ाई, 126 पेशी और 22 गवाहों के बाद फैसला; सजा की अवधि तय करने के लिए अदालत ने आरोपियों को दिया 15 दिन का समय

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मेरठ / भदैनी मिरर: उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित और खौफनाक 'नीला ड्रम केस' में जिला एवं सत्र अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ राजपूत की नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मुख्य आरोपी मानते हुए दोषी करार दिया है।

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उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर फैसला सुनाते हुए जिला जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए दोनों आरोपियों से स्पष्ट कहा, "सारे साक्ष्य यह साबित करते हैं कि तुम दोनों ने ही मिलकर सौरभ की हत्या की है।"

सजा की अवधि पर बहस के लिए मिला 15 दिनों का वक्त

कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी तो ठहरा दिया है, लेकिन सजा की अवधि तय करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। अदालत ने मुस्कान और साहिल को 15 दिन का समय दिया है ताकि वे यह बता सकें कि उन्हें कम से कम सजा क्यों दी जाए। 15 दिनों के बाद अदालत अंतिम सजा का ऐलान करेगी।

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वहीं दूसरी ओर, कोर्ट रूम में मौजूद मृतक सौरभ राजपूत की मां रेणु देवी और उनके परिवार ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।

13 महीने, 126 पेशी और 22 गवाहों की गवाही

4 मार्च 2025 को हुए इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में पिछले 13 महीनों से अदालती कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान कुल 126 पेशियां हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 अहम गवाह अदालत में पेश किए गए।

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मामले को साबित करने के लिए पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मजबूत कड़ियां जोड़ी थीं:

  • दुकानदारों की गवाही: जिस ड्रम में शव छिपाया गया, उसे बेचने वाले व्यापारी के अलावा सीमेंट, रेत, चाकू और नींद की दवा बेचने वाले दुकानदारों के बयान दर्ज कराए गए।

  • टूर ड्राइवर का बयान: हत्या के बाद मुस्कान और साहिल के मनाली घूमने जाने के दौरान जिस ड्राइवर की गाड़ी से वे गए थे, उसकी गवाही भी अहम साबित हुई।

  • डिजिटल व फोरेंसिक साक्ष्य: हत्या के बाद परिवार को गुमराह करने के लिए सौरभ के फोन से भेजे गए मैसेज और कमरे से मिले खून के निशानों की फोरेंसिक रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई।

हत्या से लेकर सीमेंट में शव दफनाने की खौफनाक साजिश

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्कान और साहिल ने सौरभ को रास्ते से हटाने के लिए पहले नींद की दवा और धारदार हथियार का इंतजाम किया। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव के टुकड़े कर उसे एक बड़े नीले प्लास्टिक ड्रम में रखा गया और ऊपर से सीमेंट व रेत भर दिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी बेफिक्र होकर घूमने निकल गए थे।

मामले की अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हुई थी, जिसके बाद 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोनों आरोपियों को सौरभ राजपूत की हत्या का गुनहगार घोषित कर दिया।