वाराणसी में खूनी संघर्ष: फूलपुर के बरजी गांव में जमीन विवाद को लेकर किसान की रॉड से पीट-पीटकर हत्या
पंपिंग सेट पर बुलाकर हमलावरों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा; बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, अनीश और धर्मराज समेत 4 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
वाराणसी: पिंडरा/फूलपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरजी गांव में शनिवार की शाम जमीन विवाद और पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस हिंसक झड़प में हमलावरों ने एक बुजुर्ग किसान पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल किसान की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। किसान की मौत की खबर गांव में पहुंचते ही सन्नाटा पसर गया और पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है।


पंपिंग सेट पर मौजूद थे बुजुर्ग, हमलावरों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
जानकारी के मुताबिक, बरजी गांव के रहने वाले भोतू यादव (60 वर्ष) शनिवार की शाम को गांव के बाहर स्थित अपने पंपिंग सेट पर मौजूद थे। मृतक के बेटे ललित मोहन यादव का आरोप है कि शाम करीब 3 बजे गांव का ही अनीश उनके पिता को किसी बहाने से बुलाकर ले गया। वहां पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों से किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते हमलावरों ने लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। परिजनों के अनुसार, हमलावरों ने बुजुर्ग किसान को बेरहमी से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। जब तक परिवार के लोग चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे, तब तक भोतू यादव लहूलुहान होकर अचेत हो चुके थे।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर तक की दौड़, पर नहीं बची जान
घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल किसान को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) रेफर कर दिया। डीडीयू से भी बेहतर इलाज के लिए उन्हें बीएचयू (BHU) ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।

पुरानी रंजिश और जमीन विवाद की आशंका, पुलिस पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस खौफनाक वारदात के पीछे दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा जमीन का विवाद और पुरानी रंजिश मुख्य वजह है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ महीने पहले गांव में आई एक बारात के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और जमकर मारपीट हुई थी, जिसके बाद से ही माहौल तनातनी का बना हुआ था। इस मामले में शुरुआती स्तर पर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस इसे केवल सामान्य मारपीट का मामला बताती रही, लेकिन किसान की मौत के बाद पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हुए।
अनीश और धर्मराज समेत 4 पर हत्या का केस, एडीसीपी ने संभाली कमान
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीसीपी (ADCP) नृपेंद्र खुद शनिवार देर रात फूलपुर थाने पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू की। मृतक के बेटे ललित मोहन यादव की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अनीश, धर्मराज समेत चार नामजद लोगों के खिलाफ हत्या (धारा 302) व अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फूलपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
