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आजमगढ़ में बड़ा खुलासा: ब्लिंकिट का डिलीवरी बॉय निकला शातिर साइबर ठग, खाते में मंगाता था करोड़ों की रकम

 वाराणसी में नौकरी के दौरान बना था ठगों का साथी; दो राज्यों की पुलिस को थी तलाश, 'प्रतिबिंब पोर्टल' से दबोचा गया

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भदैनी मिरर, आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी 'ब्लिंकिट' (Blinkit) के एक ऐसे पूर्व डिलीवरी बॉय को गिरफ्तार किया है, जो डिलीवरी की आड़ में देशव्यापी साइबर ठगी गिरोह के लिए काम कर रहा था। आरोपी शातिर तरीके से ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए अपने बैंक खातों, एटीएम और पासबुक का इस्तेमाल करने देता था और इसके बदले मोटा कमीशन वसूलता था। गिरफ्तार आरोपी के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं।

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प्रतिबिंब पोर्टल और संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन से खुला राज

अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर क्राइम टीम 'प्रतिबिंब पोर्टल' पर दर्ज संदिग्ध एटीएम एक्टिविटी और साइबर शिकायतों की मॉनिटरिंग कर रही थी। इसी दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा के एक बैंक खाते में हुए संदिग्ध लेन-देन पर पुलिस की नजर पड़ी। गहनता से जांच करने पर पता चला कि यह खाता अंबेडकरनगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के समडीह गांव निवासी अमित मौर्या के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने तत्काल जाल बिछाकर अमित को हिरासत में ले लिया।

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वाराणसी में डिलीवरी बॉय की नौकरी के दौरान हुई थी अपराधियों से डील

कड़ाई से पूछताछ करने पर अमित मौर्या ने साइबर सिंडिकेट में शामिल होने की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि वह पहले वाराणसी में ब्लिंकिट कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात साइबर अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क से हुई।

शॉर्टकट तरीके से अमीर बनने की चाहत में अमित ने अपने बैंक खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड की पूरी डिटेल्स अपने साथी सौरभ पांडेय और गिरोह के अन्य सदस्यों को सौंप दी। देश के अलग-अलग कोनों से होने वाली साइबर ठगी की रकम सीधे अमित के खाते में ट्रांसफर की जाती थी, जिसे बाद में एटीएम के जरिए कैश निकाल लिया जाता था। इस पूरी रकम का एक तय प्रतिशत अमित को कमीशन के रूप में मिलता था।

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दो राज्यों की पुलिस को थी तलाश, फरार साथियों की खोज जारी

तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ है कि आरोपी के खिलाफ देश के दो अलग-अलग राज्यों से नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर कई शिकायतें पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से एक एंड्रॉयड स्मार्टफोन और ₹2,060 की नकदी बरामद की है।

साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी के बैंकिंग रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि अब तक कितने लाख या करोड़ की ठगी की रकम इस खाते से पार की जा चुकी है। पुलिस अमित से मिले इनपुट्स के आधार पर गिरोह के मुख्य सरगना सौरभ पांडेय और अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।