भारत के स्कूलों में बम की धमकी का निकला Bangladesh लिंक, गुजरात से आरोपी गिरफ्तार
40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के पीछे अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क; फर्जी दस्तावेजों पर 9 साल से भारत में रह रहा था आरोपी
गुरुग्राम। हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में 40 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में इस साजिश के पीछे अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क और Bangladesh कनेक्शन सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने गुजरात से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


ईमेल से फैली थी दहशत
यह पूरा मामला 28 जनवरी 2026 का है, जब गुरुग्राम के कई प्रतिष्ठित स्कूलों के आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरे संदेश भेजे गए। ईमेल में दावा किया गया था कि स्कूल परिसरों में बम रखे गए हैं।
सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। सभी स्कूलों को तुरंत खाली कराया गया और बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड व फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। कई घंटों की तलाशी के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिला, जिससे यह साफ हुआ कि यह सुनियोजित साजिश के तहत दहशत फैलाने की कोशिश थी।

गुजरात से पकड़ा गया आरोपी
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और आईपी एड्रेस को ट्रैक करते हुए पुलिस गुजरात पहुंची। 19 मार्च 2026 को अहमदाबाद से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी की पहचान सौरभ विश्वास उर्फ माइकल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है। वह फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में पहचान छुपाकर रह रहा था।

9 साल से भारत में अवैध रूप से रह रहा था
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी करीब 9 साल पहले अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुआ था। इसके बाद उसने पश्चिम बंगाल में फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड बनवाए और बाद में अहमदाबाद में बस गया।
शुरुआत में दिहाड़ी मजदूरी करने वाला आरोपी बाद में डिजिटल मार्केटिंग और ग्राफिक्स का काम सीखकर फ्रीलांसर बन गया, जिससे वह लंबे समय तक नजरों से बचा रहा।
300 फर्जी ईमेल और क्रिप्टो का इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ढाका निवासी एक शख्स के संपर्क में आया था। उसके कहने पर आरोपी ने एक दिन में करीब 300 फर्जी ईमेल आईडी तैयार कीं और उन्हें व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया।
इस काम के बदले उसे 250 USDT (क्रिप्टो करेंसी) का भुगतान किया गया। पुलिस के मुताबिक, इन्हीं ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर गुरुग्राम के स्कूलों को धमकी भेजी गई थी।
व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
पुलिस के अनुसार आरोपी एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जिसमें 50 से अधिक लोग शामिल हैं। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है।
रिमांड पर पूछताछ जारी
साइबर पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसमें कई अहम खुलासे हुए हैं। आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
अब पुलिस पश्चिम बंगाल पुलिस से भी संपर्क कर फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की जांच करेगी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस मामले ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। यह सिर्फ फर्जी धमकी का मामला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट की साजिश के रूप में देखा जा रहा है।
