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धोखाधड़ी व जालसाजी केस में आरोपित आयुष्मान यादव को कोर्ट से मिली जमानत

वाराणसी की अदालत ने लोन दिलाने के नाम पर दुकानदार से ठगी करने के आरोपित को राहत दी, 25-25 हजार की दो जमानतें और बंधपत्र पर रिहाई का आदेश

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Anuj yadav
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वाराणसी। लोन दिलाने का झांसा देकर संगठित तरीके से धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार आयुष्मान यादव उर्फ अंश यादव को कोर्ट से राहत मिल गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) प्रियल शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को आरोपित को 25-25 हजार रुपए की दो जमानतें और बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, डीएन यादव, नरेश यादव और संदीप यादव ने पैरवी की।
मामला क्या है?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जीवधीपुर, किरहिया निवासी पंकज कुमार ने 27 अगस्त 2025 को भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह अपनी दुकान पर बैठा था, तभी आकाश सोनकर, अरुण शर्मा, राहुल राय, नवीन, आयुष्मान यादव उर्फ अंश यादव और विजय उसकी दुकान पर आए और लोन दिलाने का झांसा दिया।
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वादी के अनुसार, आरोपितों ने खाता खुलवाने के नाम पर उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड और हस्ताक्षर लिए। अगले दिन वे उसका मोबाइल भी ले गए और शाम तक सब लौटाने का वादा किया, लेकिन बाद में मोबाइल व कागजात लौटाने से इंकार कर दिया। विरोध करने पर आरोपितों ने धमकी दी कि अगर किसी से कहा तो जान से मार देंगे।
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मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आयुष्मान यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से बड़ी संख्या में आधार कार्ड, पैन कार्ड और एटीएम कार्ड बरामद हुए थे।
सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपित को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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