Movie prime
PMC_Hospital

यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड मामला: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को रखा बरकरार

केंद्र सरकार और यस बैंक को बड़ा झटका; अदालत ने मार्च 2020 में बॉन्ड के राइट-ऑफ (Write-off) को किया रद्द

Ad

 
se
WhatsApp Group Join Now

Ad

नई दिल्ली (भदैनी मिरर)। केंद्र सरकार और यस बैंक (YES Bank) को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा, जिसमें यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये के एडिशनल टियर-1 (AT-1) बॉन्ड के राइट-ऑफ (बट्टे खाते में डालने) को रद्द कर दिया गया था।

Ad

मार्च 2020 की पुनर्गठन योजना से जुड़ा है मामला

वित्तीय संकट के बाद यस बैंक के पुनर्गठन (Reconstruction Scheme) के तहत मार्च 2020 में बैंक ने इन बॉन्ड्स को राइट-ऑफ कर दिया था। इस फैसले से रिलायंस निप्पॉन जैसे म्यूचुअल फंड्स समेत कई संस्थागत (Institutional) और खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के 8,415 करोड़ रुपये फंस गए थे।

बॉम्बे हाईकोर्ट का जनवरी 2023 का फैसला

बॉन्डधारकों ने इस एकतरफा राइट-ऑफ के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था और अपने निवेश की रिकवरी की मांग की थी। जनवरी 2023 में हाईकोर्ट ने निवेशकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राइट-ऑफ को रद्द कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ यस बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसे अब शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया है।