शेयर बाजार में हैट्रिक गिरावट: पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल के उछाल से सेंसेक्स 374 अंक फिसला
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजार में बिकवाली के कारण ऑटो और आईटी शेयर्स धड़ाम; निफ्टी 23,914 पर हुआ बंद
भदैनी मिरर (डिजिटल डेस्क): पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार (2 सितंबर 2026) को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन लाल निशान पर बंद हुआ।


कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी बाजारों में छाई सुस्ती के बीच आईटी, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 373.93 अंक (0.49%) की गिरावट के साथ 76,570.35 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स एक समय 808.56 अंक तक टूटकर 76,135.72 के निचले स्तर तक चला गया था।

वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी (NSE Nifty) भी 141.35 अंक (0.59%) की गिरावट के साथ 23,914.45 पर सिमट गया। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 23,786.80 का निचला स्तर छुआ।
किसे हुआ फायदा और कौन रहे घाटे में?
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टॉप लूजर्स (गिरावट वाले शेयर): सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो और आईटी सेक्टर में देखने को मिली। एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफोसिस प्रमुख रूप से घाटे में रहे।
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टॉप गेनर्स (बढ़त वाले शेयर): गिरावट के बावजूद अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, एनटीपीसी और टाइटन के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई।
सेक्टर वाइज प्रदर्शन और ब्रॉडर मार्केट


सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा 1.68% टूटा, जबकि आईटी सेक्टर में 1.17% की गिरावट रही। इंश्योरेंस, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, एनर्जी, यूटिलिटीज, पावर, रियल्टी और पीएसयू बैंक सेक्टर्स में थोड़ी खरीदारी देखने को मिली।
स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी गिरावट का असर दिखा। बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.61% और मिडकैप इंडेक्स 0.51% गिरकर बंद हुआ।
कच्चा तेल और वैश्विक बाजारों में हाहाकार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.40% चढ़कर $95.13 प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते सप्लाई बाधित होने की आशंका से क्रूड ऑयल महंगा हो रहा है।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) लगभग 4% और जापान का निकेई (Nikkei) 2.85% टूट गया। यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। इस बीच, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे टूटकर 94.97 के स्तर पर बंद हुआ।
