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सेंसेक्स 2500 और निफ्टी 23100 के नीचे; निवेशकों के 11 लाख करोड़ डूबे, सोना-चांदी के दाम भी धड़ाम

वैश्विक तनाव और फेड के सख्त रुख से बाजार में बिकवाली

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नई दिल्ली/मुंबई। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क सूचकांक BSE Sensex 2496.89 अंक यानी 3.26% गिरकर 74,207.24 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 775.65 अंक यानी 3.26% टूटकर 23,002.15 के स्तर पर आ गया।

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निवेशकों को भारी नुकसान

बाजार में आई तेज बिकवाली के चलते निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 11.5 लाख करोड़ रुपये घटकर 427 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा ढांचे पर हमलों की खबरों ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है। ईरान के गैस उत्पादन क्षेत्र और कतर की एलएनजी सुविधा को निशाना बनाए जाने से ऊर्जा आपूर्ति पर संकट की आशंका बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे महंगाई और बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है।

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फेड के फैसले से बढ़ी चिंता

Federal Reserve ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है। फेड चेयर Jerome Powell ने “अनिश्चितता” का हवाला देते हुए संकेत दिया कि महंगाई पर दबाव बना रह सकता है। उनके इस सख्त (हॉकिश) रुख का असर वैश्विक बाजारों पर देखने को मिला।

सोना-चांदी में भारी गिरावट

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कीमती धातुओं की कीमतों में भी गुरुवार को बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

* 24 कैरेट सोना करीब 3,000–5,000 रुपये तक सस्ता हुआ
* 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड में भी गिरावट दर्ज
* चांदी की कीमत में 13,000 रुपये प्रति किलो तक की बड़ी गिरावट

India Bullion and Jewellers Association के अनुसार, चांदी का भाव घटकर करीब 2.36 लाख रुपये प्रति किलो और सोना करीब 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।


अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट का असर दिखा।

* स्पॉट गोल्ड करीब 1.22% गिरकर 4,836 डॉलर प्रति औंस
* चांदी 2.25% टूटकर 75.75 डॉलर प्रति औंस

मार्च महीने में अब तक सोना करीब 4% और चांदी 16% तक कमजोर हो चुकी है।


मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी अनिश्चितता

Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर खतरे ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना रहेगा।

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