Movie prime
PMC_Hospital

आम जनता को महंगाई का झटका: दूध और दही की ₹14 तक कीमतें बढ़ी, देखें नई रेट लिस्ट

टोंड मिल्क 54 रुपये प्रति लीटर, तो 1 किलो दही 14 रुपये महंगी होकर हुई 68 रुपये की

Ad

 
Nandini Milk
WhatsApp Group Join Now

Ad

भदैनी मिरर बिजनेस डेस्क। त्योहारों के मौसम के बीच आम आदमी की रसोई के बजट पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। दूध और दही जैसी रोजमर्रा की बेहद जरूरी चीजों के दाम बढ़ा दिए गए हैं। कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने अपने लोकप्रिय 'नंदिनी' (Nandini) ब्रांड के दूध और दही की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो आज यानी 1 नवंबर 2026 से प्रभावी हो गई हैं।

Ad

इस फैसले के तहत दूध की अलग-अलग किस्मों के दाम में 8 रुपये से लेकर 12 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। वहीं, एक किलोग्राम दही के पैकेट पर सीधे 14 रुपये बढ़ा दिए गए हैं।

दूध की नई रेट लिस्ट (Nandini Milk New Rates)

सबसे ज्यादा बिकने वाले ब्लू पैकेट (टोंड मिल्क) की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। नंदिनी दूध की विभिन्न किस्मों के नए और पुराने दाम इस प्रकार हैं:

  •  टोंड मिल्क (Toned Milk): पुरानी कीमत ₹46 प्रति लीटर थी, जो अब 8 रुपये बढ़कर ₹54 प्रति लीटर हो गई है।
  • होमोजेनाइज्ड टोंड मिल्क: पुरानी कीमत ₹47 प्रति लीटर थी, जो अब 9 रुपये बढ़कर ₹56 प्रति लीटर हो गई है।
  • होमोजेनाइज्ड काउ मिल्क (गाय का दूध): पुरानी कीमत ₹50 प्रति लीटर थी, जो अब 8 रुपये बढ़कर ₹58 प्रति लीटर हो गई है।
  • स्पेशल टोंड मिल्क: पुरानी कीमत ₹52 प्रति लीटर थी, जो अब 12 रुपये बढ़कर ₹64 प्रति लीटर हो गई है।
  • शुभम मिल्क: पुरानी कीमत ₹52 प्रति लीटर थी, जो अब 12 रुपये बढ़कर ₹64 प्रति लीटर हो गई है।
  • होमोजेनाइज्ड शुभम मिल्क: पुरानी कीमत ₹53 प्रति लीटर थी, जो अब 12 रुपये बढ़कर ₹65 प्रति लीटर हो गई है।

दही की नई कीमतें: कितना ढीला होगा जेब? (Nandini Curd Rate)

दूध के अलावा नंदिनी दही की दरों में भी बड़ा बदलाव आया है:

  •  आधा किलो (500 ग्राम) दही: अब 28 रुपये की जगह 34 रुपये में मिलेगी, यानी इस पर 6 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
  • एक किलो (1 किग्रा) दही: 54 रुपये से बढ़कर सीधे 68 रुपये की हो गई है, यानी ग्राहकों को अब प्रति किलो 14 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे।

क्यों बढ़ाए गए दूध और दही के दाम?

कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी को लेकर कर्नाटक सरकार और कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) का कहना है कि यह कदम राज्य के डेयरी किसानों (Dairy Farmers) को राहत पहुंचाने के लिए उठाया गया है।

राज्य में सूखे जैसे हालात, पशु चारे की बढ़ती लागत और दूध उत्पादन में आई गिरावट की वजह से किसानों का लागत खर्च काफी बढ़ गया था।

सरकार के अनुसार, प्रति लीटर दूध पर बढ़ी 8 रुपये की राशि में से 7 रुपये सीधे किसानों के खाते में जाएंगे। वहीं शेष 1 रुपये मिल्क यूनियनों को पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन और रखरखाव के खर्चों को पूरा करने के लिए दिया जाएगा। प्रशासन का तर्क है कि किसानों को सही मूल्य मिलने से डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी, हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए रोजमर्रा का घरेलू खर्च बढ़ना तय है।