महंगाई का महाझटका: 5 दिन में ₹4 महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल, आज फिर बढ़े दाम; चेक करें अपने शहर में तेल का ताजा रेट
इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ₹110 डॉलर के पार; तेल कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए अभी और बढ़ सकती हैं कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी रिकॉर्ड तेजी के बीच भारतीय उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पिछले 5 दिनों के भीतर दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। आज पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 1 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है।


गौरतलब है कि इससे पहले बीते शुक्रवार को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की थी, जो साल 2022 के बाद कीमतों में हुआ पहला बड़ा बदलाव था। इस तरह महज 5 दिनों के भीतर ही पेट्रोल और डीजल 4 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।

देश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल का रेट
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देश के महानगरों और प्रमुख शहरों में पेट्रोल की नई कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल का नया रेट (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | ₹98.64 |
| नोएडा | ₹98.91 |
| लखनऊ | ₹98.40 |
| गुरुग्राम | ₹99.29 |
| चंडीगढ़ | ₹98.10 |
| मुंबई | ₹107.59 |
| कोलकाता | ₹109.70 |
| चेन्नई | ₹104.46 |
| बेंगलुरू | ₹107.12 |
| हैदराबाद | ₹111.38 |
| जयपुर | ₹109.32 |
| पटना | ₹110.02 |
| भुवनेश्वर | ₹105.05 |
| तिरुअनंतपुरम् | ₹111.71 |
देश के प्रमुख शहरों में आज डीजल का रेट
डीजल की कीमतों में आई तेजी के बाद आपके शहर में आज का नया भाव यह है:
| शहर | डीजल का नया रेट (प्रति लीटर) |
| नई दिल्ली | ₹91.58 |
| नोएडा | ₹92.21 |
| लखनऊ | ₹91.73 |
| गुरुग्राम | ₹91.80 |
| चंडीगढ़ | ₹86.09 |
| मुंबई | ₹94.08 |
| कोलकाता | ₹96.07 |
| चेन्नई | ₹96.11 |
| बेंगलुरू | ₹95.04 |
| हैदराबाद | ₹99.95 |
| जयपुर | ₹94.50 |
| पटना | ₹96.05 |
| भुवनेश्वर | ₹96.68 |
| तिरुअनंतपुरम् | ₹100.60 |
क्यों बढ़ रहे हैं दाम? ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के पार
वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण कच्चे तेल के बाजार में आग लगी हुई है। सोमवार को एक बार फिर ब्रेंट क्रूड का रेट 2.6 प्रतिशत की उछाल के साथ 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। आपको बता दें कि वैश्विक संकट शुरू होने से पहले कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस भारी तेजी के कारण घरेलू तेल कंपनियों को भारी नुकसान (Under-recoveries) उठाना पड़ रहा था, जिसकी भरपाई के लिए अब कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।

क्या आगे और महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल?
विशेषज्ञों और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सरकारी तेल कंपनियों के घाटे को पूरी तरह कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कम से कम 10-10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी जरूरी है। चूंकि कंपनियों ने अभी 5 दिन में केवल 4 रुपये ही बढ़ाए हैं, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि यदि कच्चे तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐसे ही ऊंचे बने रहे, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में कुछ और किस्तों में इजाफा देखा जा सकता है।
पीएम मोदी की देशवासियों से अपील: वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये के कारण देश का इम्पोर्ट बिल (तेल आयात खर्च) काफी बढ़ गया है। भारत अपनी तेल की जरूरतों के लिए लगभग 80-85% तक आयात पर निर्भर है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश की जनता से विवेकपूर्ण तरीके से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील की है।
