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NSE IPO News: लिस्टिंग के साथ ही भारत की टॉप-15 कंपनियों में शामिल होगा NSE

₹22,562 करोड़ के मेगा IPO के साथ ₹4.42 लाख करोड़ तक पहुंचेगा मार्केट कैप; इंफोसिस, कोटक बैंक और सन फार्मा को दे सकता है मात

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मुंबई / भदैनी मिरर: देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), अपने आगामी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के बाद भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाली शीर्ष कंपनियों में ऐतिहासिक एंट्री करने जा रहा है। अपने प्रस्तावित आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर, एनएसई देश की 12वीं सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन सकती है।

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₹22,562 करोड़ का मेगा आईपीओ

NSE के इस चर्चित आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। इस सार्वजनिक पेशकश में 12.64 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है, जिसकी कुल वैल्यू ₹22,562 करोड़ तक बैठती है। चूंकि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, इसलिए इस आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि मौजूदा शेयरधारकों के खाते में जाएगी।

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मूल्यांकन और मार्केट कैप की संभावित रैंकिंग

प्राइस बैंड के आधार पर लिस्टिंग के बाद NSE का मार्केट वैल्यूएशन (Market Capitalisation) ₹4.21 लाख करोड़ से ₹4.42 लाख करोड़ के बीच रहने का अनुमान है:

  • अपर प्राइस बैंड (₹1,785 पर): एनएसई का कुल मार्केट कैप लगभग ₹4,41,788 करोड़ होगा। इस वैल्यूएशन के साथ यह टाइटन कंपनी (₹4,44,736 करोड़) के ठीक नीचे और सन फार्मा (₹4,41,478 करोड़) के ठीक ऊपर 12वें स्थान पर काबिज होगी।

  • लोअर प्राइस बैंड (₹1,700 पर): यदि आईपीओ निचले स्तर पर सब्सक्राइब होता है, तो मार्केट कैप ₹4,20,750 करोड़ रहेगा। इस स्थिति में भी यह इंफोसिस (₹4,21,123 करोड़) के ठीक नीचे और कोटक महिंद्रा बैंक (₹4,16,807 करोड़) के ऊपर बनी रहेगी।

भारत की प्रमुख दिग्गज कंपनियों का मार्केट कैप (तुलनात्मक आंकड़ा):

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कंपनी का नाम मार्केट कैप (₹ करोड़ में)
1. रिलायंस इंडस्ट्रीज 17,01,716
2. भारती एयरटेल 11,42,698
3. एचडीएफसी बैंक 10,91,709
4. आईसीआईसीआई बैंक 9,90,020
--- टाइटन कंपनी (11वें स्थान पर) --- 4,44,736
NSE (अपर प्राइस बैंड पर) 4,41,788
12. सन फार्मा 4,41,478
13. इंफोसिस 4,21,123
NSE (लोअर प्राइस बैंड पर) 4,20,750
14. कोटक महिंद्रा बैंक 4,16,807
15. अदानी एंटरप्राइजेज 4,14,150

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एनएसई की लिस्टिंग के बाद इसके शेयर की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव भी देश की शीर्ष 15 कंपनियों की रैंकिंग सूची में बड़ा फेरबदल कर सकता है।