Moneyview IPO: 41% प्रीमियम का संकेत और 6 गुना सब्सक्रिप्शन; जानें अलॉटमेंट डेट
मनीव्यू आईपीओ का आज आखिरी दिन; ₹1,091 करोड़ जुटाने की योजना, जानें क्या आपको इस फिनटेक कंपनी के आईपीओ में निवेश करना चाहिए।
भदैनी मिरर डेस्क: भारतीय फिनटेक सेक्टर की प्रमुख कंपनी 'मनीव्यू' (Moneyview) के शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (IPO) में दांव लगाने का आज अंतिम दिन (28 सितंबर 2026) है। तीसरे दिन तक आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है और यह कुल 6 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो चुका है। वहीं, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में भी मजबूती देखी जा रही है, जो करीब 41% के लिस्टिंग गेन का संकेत दे रही है।

आईपीओ से जुड़ी मुख्य बातें (Key Highlights)
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इश्यू साइज: कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹1,091.68 करोड़ जुटा रही है, जिसमें ₹750 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 10.04 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
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प्राइस बैंड: प्रति शेयर ₹32 से ₹34 तय किया गया है।
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लॉट साइज: रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 441 शेयर (₹14,994) है, जबकि अधिकतम 13 लॉट (5,733 शेयर, ₹1,94,922) के लिए आवेदन किया जा सकता है।
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रिजर्वेशन: कुल इश्यू में से 50% QIB, 15% NII और 35% रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है।
Moneyview IPO Time Table (महत्वपूर्ण तिथियां)
इवेंट संभावित तिथि आईपीओ ओपनिंग तिथि 24 सितंबर 2026 आईपीओ क्लोजिंग तिथि 28 सितंबर 2026 अलॉटमेंट का आधार (Basis of Allotment) 29 सितंबर 2026 रिफंड और डिमैट क्रेडिट 30 सितंबर 2026 शेयर बाजार में लिस्टिंग (BSE/NSE) 01 अक्टूबर 2026
कैसी है कंपनी की वित्तीय स्थिति (Financial Health)?
साल 2014 में स्थापित मनीव्यू एक ऑल-इन-वन फिनटेक प्लेटफॉर्म है जो पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड, इंश्योरेंस और डिजिटल गोल्ड जैसी सेवाएं प्रदान करता है। वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो:
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रेवेन्यू (राजस्व): वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कुल राजस्व बढ़कर ₹3,404.27 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹2,378.53 करोड़ था।
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प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने ₹242.71 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹240.28 करोड़ की तुलना में स्थिर बढ़त दिखाता है।
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जून 2026 की तिमाही: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून 2026) में ही कंपनी ने ₹1,065.09 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹173.80 करोड़ का मुनाफा कमाया है।
फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
आईपीओ से प्राप्त राशि में से ₹325 करोड़ का उपयोग लोन डिस्बर्सल बढ़ाने के लिए Default Loss Guarantee (DLG) व्यवस्थाओं में किया जाएगा, जबकि ₹250 करोड़ कंपनी की सहायक इकाई 'WFPL' के कैपिटल बेस को मजबूत करने में लगाए जाएंगे।

क्या निवेशकों को लगाना चाहिए पैसा?
कंपनी की लगातार बढ़ती टॉप-लाइन ग्रोथ (रेवेन्यू) और मजबूत एसेट बेस (₹8,104 करोड़ से अधिक) को देखते हुए वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि दीर्घकालिक नजरिए (Long-term) के लिए इस आईपीओ में निवेश किया जा सकता है। हालांकि, बाजार की मौजूदा अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेकर ही अंतिम निर्णय लेना चाहिए।

