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US-Iran जंग की आग से दुनिया भर के बाजार बेहाल, फिर भी भारत में 'तूफानी तेजी'

मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद वैश्विक बाजारों में मची खलबली, लेकिन भारतीय शेयर बाजार ने दिखाया गजब का दम; जानें क्या है इस उछाल के पीछे की कहानी।

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मिडिल ईस्ट  में एक बार फिर जंग के बादल छा गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के आसपास अमेरिका द्वारा किए गए बम हमलों के बाद जापान से लेकर दक्षिण कोरिया तक के बाजारों में भारी गिरावट और कोहराम की स्थिति है। लेकिन, इस तनावपूर्ण वैश्विक माहौल के बीच भारतीय शेयर बाजार ने सबको चौंकाते हुए बुधवार को तूफानी तेजी के साथ शुरुआत की।

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वैश्विक बाजारों में हाहाकार

जहां एक ओर मिडिल ईस्ट की जंग के कारण पूरी दुनिया के बाजार सहमे हुए हैं, वहीं अमेरिकी शेयर बाजार भी बीते कारोबारी सत्र में भारी दबाव में दिखे थे। निवेशकों को डर है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आएगा और सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित होगी। इसी डर के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया है, जिससे एशियाई बाजारों में लाल निशान (गिरावट) देखने को मिल रहा है।

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भारतीय बाजार में क्यों दिख रही है तेजी?

इन विषम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। बाजार के जानकारों का मानना है कि:

  • घरेलू मजबूती: भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे (Fundamentals) अभी भी मजबूत बने हुए हैं, जो वैश्विक झटकों को झेलने में सक्षम हैं।

  • निवेशकों का भरोसा: विदेशी बाजारों की बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी का रुख रखा है, जिससे बाजार को सपोर्ट मिल रहा है।

  • सेक्टर आधारित प्रदर्शन: बाजार के प्रमुख सेक्टरों में आज अच्छी खरीदारी देखी जा रही है, जो इंडेक्स को ऊपर खींचने का काम कर रही है।

निवेशकों के लिए चेतावनी 

हालांकि भारतीय बाजार में तेजी बनी हुई है, लेकिन जानकारों का कहना है कि मिडिल ईस्ट की स्थिति अनिश्चित है। यदि ईरान और अमेरिका के बीच यह टकराव और ज्यादा बढ़ता है, तो भारतीय बाजारों में भी आगे चलकर भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है।

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विशेषज्ञों की सलाह: मौजूदा स्थिति को देखते हुए निवेशकों को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक होने वाली किसी भी बड़ी खबर (News Event) से बाजार की दिशा बदल सकती है। इसलिए, भारी जोखिम वाले शेयरों से दूर रहने और लंबी अवधि के नजरिए से ही निवेश करने में भलाई है।