सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव, NPS से OPS में शिफ्ट करना हुआ आसान
कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में परिवार को OPS के तहत मिलेगी पेंशन; जारी होगा नया नियमित PPO
बिजनेस व नेशनल डेस्क (भदैनी मिरर): केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। वित्त मंत्रालय ने उन पात्र सरकारी कर्मचारियों के पेंशन मामलों की प्रक्रिया को आसान बना दिया है, जिनकी मृत्यु या दिव्यांगता (Disability) की स्थिति में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत पेंशन देने का प्रावधान है।

इस संबंध में वित्त मंत्रालय की ओर से एक संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है, जो पुराने दिशानिर्देशों का स्थान लेगी।
वित्त मंत्रालय का बड़ा फैसला: जारी होगा नया नियमित PPO
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, ट्रांसफर प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए इसे सुगम बनाने का निर्णय लिया गया है। मंत्रालय ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को नई SOP को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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नया नियमित PPO: NPS से OPS में माइग्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पेंशनभोगी को नया नियमित पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी किया जाएगा।
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पुराना PPPO जमा करना होगा: नया PPO तैयार करने की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी कार्यालयों और पेंशन अधिकारियों की होगी। नया PPO प्राप्त होने पर पेंशनर को अपना पुराना प्रोविजनल पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPPO) संबंधित बैंक शाखा में जमा करना होगा।
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लाइफ सर्टिफिकेट नियम: पेंशनभोगियों को पूर्व की भांति हर साल नवंबर महीने में बैंक में अपना लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाणपत्र) जमा करना अनिवार्य रहेगा।
NPS Central की शुरुआत: एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी सभी सेवाएं
पेंशन सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और सुलभ बनाने के उद्देश्य से 'एनपीएस सेंट्रल' (NPS Central) प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई है।
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साझा डिजिटल इंटरफेस: इसे NPS की तीनों केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRA) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है।
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एक क्लिक पर प्रबंधन: अब निवेशक एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन, निवेश और पेंशन खातों का संपूर्ण प्रबंधन कर सकेंगे।
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'NPS स्वास्थ्य' सुविधा: इस प्लेटफॉर्म के जरिए 'NPS स्वास्थ्य' के लिए भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा, जिसमें समर्पित फंड के साथ अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) की कवरेज मिलेगी।
सरकार का तर्क है कि इस नई व्यवस्था से पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को कागजी औपचारिकताओं में लगने वाले समय और दिक्कतों से मुक्ति मिलेगी।
