व्हाट्सऐप पर डील करने वाले कुणाल शाह बने WhatsApp के ग्लोबल हेड, जानें उनकी सफलता की कहानी
249 स्टार्टअप्स में निवेश और 11 यूनिकॉर्न बनाने वाले कुणाल शाह को मेटा (Meta) ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी।
बिजनेस डेस्क, भदैनी मिरर: भारतीय स्टार्टअप जगत के सबसे चर्चित चेहरों में से एक और CRED के फाउंडर कुणाल शाह ने एक नया इतिहास रच दिया है। जिस व्हाट्सऐप (WhatsApp) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कुणाल शाह सालों से करोड़ों रुपये के बिजनेस सौदे और स्टार्टअप फंडिंग के लिए करते आ रहे थे, अब वह उसी ग्लोबल मैसेजिंग ऐप के मुखिया यानी Global Head of WhatsApp बन गए हैं। पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने उन्हें इस बड़ी जिम्मेदारी के लिए चुना है। यह उनके सफर का एक ऐसा 'फुल-सर्कल' मोमेंट है, जिसने पूरी टेक दुनिया का ध्यान खींचा है।


1 मिनट में व्हाट्सऐप पर लिया था $20,000 का फैसला
कुणाल शाह के एंजेल इन्वेस्टिंग (Angel Investing) का एक पुराना किस्सा काफी मशहूर है। साल 2021 की एक दोपहर को एक निवेशक ने उन्हें व्हाट्सऐप पर एक स्टार्टअप की छोटी सी पिच भेजी। कुणाल ने उस कंपनी का नाम पहले कभी नहीं सुना था, लेकिन उन्होंने ठीक 1 मिनट बाद रिप्लाई किया—"आई एम इन" (I am in)। उन्होंने तुरंत 20,000 डॉलर का चेक साइन कर दिया।

जहां बड़ी-बड़ी वेंचर कैपिटल फर्में किसी स्टार्टअप में पैसा लगाने से पहले हफ्तों रिसर्च करती हैं, वहीं कुणाल शाह केवल एक व्हाट्सऐप मैसेज और अपने भरोसेमंद नेटवर्क के दम पर चंद मिनटों में फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं।
249 स्टार्टअप्स में निवेश, 11 को बनाया 'यूनिकॉर्न'
वेंचर इंटेलिजेंस (Venture Intelligence) के आंकड़ों के मुताबिक, कुणाल शाह भारत के सबसे एक्टिव एंजेल इन्वेस्टर्स में से एक रहे हैं। साल 2021 से जून 2026 के बीच उन्होंने 249 स्टार्टअप्स में निवेश किया है। उनके इस विशाल पोर्टफोलियो में भारत के कई बड़े स्टार्टअप शामिल हैं, जिनमें से कम से कम 11 कंपनियां 'यूनिकॉर्न' (1 अरब डॉलर से अधिक वैल्यूएशन वाली कंपनी) बन चुकी हैं।

कुणाल शाह के पोर्टफोलियो के प्रमुख यूनिकॉर्न:
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Razorpay
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Unacademy
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Shiprocket
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BigBasket
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Spinny
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Udaan, GoDigit, Zetwerk, Slice, और Snapdeal।
महामारी के दौरान (2021-22) उनका निवेश चरम पर था, जब उन्होंने अकेले दो साल में 175 कंपनियों को फंड दिया। हालांकि, बाजार में आए उतार-चढ़ाव के बाद अब उन्होंने अपने निवेश की रफ्तार थोड़ी धीमी की है।
बनाया भारत का सबसे बड़ा 'इन्वेस्टर नेटवर्क'
कुणाल शाह ने सिर्फ कंपनियों में पैसा नहीं लगाया, बल्कि उन्होंने 'QED इनोवेशन लैब्स' के जरिए शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स की मदद के लिए एक पूरा इकोसिस्टम तैयार किया। उनके पोर्टफोलियो में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी फिनटेक (80 डील्स), एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर (53 डील्स), ई-कॉमर्स (35 डील्स) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (32 डील्स) की है।
उन्होंने फ्लिपकार्ट की तरह कोई एम्प्लोयी नेटवर्क नहीं, बल्कि सैकड़ों संस्थापकों और निवेशकों का एक मजबूत 'इन्वेस्टर नेटवर्क' खड़ा किया, जिसके केंद्र में वह खुद थे।
मेटा ने क्यों सौंपी इतनी बड़ी जिम्मेदारी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुणाल शाह और मेटा के संबंध तब शुरू हुए जब मेटा के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर (CPO) क्रिस कॉक्स ने व्हाट्सऐप की प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी और ग्रोथ के लिए कुणाल से सलाह मांगी थी। यह बातचीत धीरे-धीरे इतनी गहरी हो गई कि मेटा ने 'CRED' में निवेश करने या उसे खरीदने तक पर विचार किया। लेकिन आखिरकार, मेटा ने कुणाल शाह को सीधे अपने संगठन में एक बड़े ऑपरेटिंग रोल (ग्लोबल हेड) के लिए शामिल करने का फैसला किया।
कुणाल शाह हमेशा से मानते आए हैं कि व्हाट्सऐप सिर्फ एक चैटिंग ऐप नहीं है, बल्कि यह कॉमर्स, डिजिटल पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज के लिए आने वाले समय का ऑपरेटिंग सिस्टम बनेगा। अब भारत जैसे अपने सबसे बड़े बाजार में व्हाट्सऐप के जरिए पेमेंट्स और ई-कॉमर्स से कमाई (Monetisation) बढ़ाने की बड़ी चुनौती कुणाल शाह के कंधों पर होगी।
