ग्लोबल ट्रेड में भारत का डंका: अमेरिका को पीछे छोड़ बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना भारत, चीन अब भी टॉप पर
साल 2025 में अमेरिका ने दी थी कड़ी टक्कर, इंडोनेशिया और ब्राजील भी टॉप-5 में शामिल
नई दिल्ली/ढाका: दक्षिण एशियाई क्षेत्र (South Asian Region) में बदलते व्यापारिक समीकरणों के बीच भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत अब अमेरिका को पछाड़कर पड़ोसी देश बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार (Trading Partner) बन गया है। यह बदलाव न केवल दोनों देशों के बीच मजबूत होते आर्थिक रिश्तों को दर्शाता है, बल्कि यह भी साफ करता है कि बांग्लादेश की निर्भरता अपने पड़ोसी बाजारों पर लगातार बढ़ रही है।


आंकड़ों में समझें भारत की बढ़त
बांग्लादेश सांख्यिकी ब्यूरो (BBS) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार:
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भारत की हिस्सेदारी: फरवरी महीने में बांग्लादेश के कुल विदेशी व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 8.47% रही। इस दौरान भारत के साथ कुल व्यापार का मूल्य लगभग 123 अरब टका दर्ज किया गया।
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अमेरिका की स्थिति: अमेरिका इस रेस में बेहद मामूली अंतर से पिछड़ गया है। 8.46% हिस्सेदारी के साथ अमेरिका अब तीसरे स्थान पर है।
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चीन का दबदबा बरकरार: इन सबके बीच चीन ने 21% से अधिक की भारी हिस्सेदारी के साथ बांग्लादेश के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार के रूप में अपना शीर्ष स्थान मजबूती से बरकरार रखा है।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान भारत के साथ कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों में कुछ खटास आई थी, लेकिन नई सरकार के गठन के बाद अब द्विपक्षीय संबंधों में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है।

साल 2025 में अमेरिका ने दी थी कड़ी टक्कर
बिजनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी बाजार की तस्वीर लगातार बदल रही है। साल 2025 में मई, अगस्त और दिसंबर जैसे महीनों में अमेरिका ने अस्थायी रूप से भारत को पीछे छोड़ दिया था। उस दौरान बांग्लादेश के कुल व्यापार में अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर 9.6% हो गई थी, जबकि भारत की हिस्सेदारी घटकर 8.09% रह गई थी। हालांकि, जानकारों का मानना है कि वह एक अस्थायी उतार-चढ़ाव था, जो अमेरिका से अचानक बढ़े आयात (Import) के कारण हुआ था।

बांग्लादेश के ट्रेड मार्केट को प्रभावित करने वाले 3 बड़े फैक्टर:
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अमेरिका से बढ़ता आयात: बांग्लादेश अपनी जरूरतों के लिए अमेरिका से एलपीजी (LPG), कपास और गेहूं जैसी आवश्यक वस्तुओं का आयात बड़े पैमाने पर बढ़ा रहा है।
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भारत के साथ व्यापारिक चुनौतियां: बांग्लादेश के उद्योगपतियों का कहना है कि भारत की कुछ व्यापारिक बाधाओं (जैसे आयात सीमाएं, कस्टम ड्यूटी में देरी) और पिछले दिनों रहे राजनीतिक तनाव के कारण व्यापार की रफ्तार थोड़ी प्रभावित हुई थी, जिसे अब सुधारा जा रहा है।
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कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता: बांग्लादेश अपने औद्योगिक कच्चे माल, भारी मशीनरी और रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़े सामानों के लिए आज भी सबसे ज्यादा चीन पर निर्भर है।
इंडोनेशिया और ब्राजील भी टॉप-5 में शामिल
बांग्लादेश के अन्य प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की बात करें तो इंडोनेशिया इस सूची में चौथे स्थान पर है। बांग्लादेश मुख्य रूप से इंडोनेशिया से कोयला, खाद्य तेल और औद्योगिक कच्चे माल का आयात करता है। वहीं, ब्राजील 5वें सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर के रूप में उभरा है, जहां से बांग्लादेश सोयाबीन, चीनी, खाद्य तेल और अन्य कृषि उत्पादों की खरीदारी करता है।
क्या कहते हैं अर्थशास्त्री?
ढाका के आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के साथ व्यापार बढ़ना बांग्लादेश के लिए अच्छा संकेत है, क्योंकि इससे उसका ग्लोबल ट्रेड डाइवर्सिफाई (विविधतापूर्ण) हो रहा है। हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि बांग्लादेश को अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए भारत और पाकिस्तान जैसे दक्षिण एशियाई देशों के साथ व्यापारिक लाभों का सही इस्तेमाल करना होगा।
