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IDFC First Bank में ₹590 करोड़ का फ्रॉड: RBI गवर्नर बोले- ‘कोई सिस्टमेटिक खतरा नहीं’, शेयर 16% टूटे

Sanjay Malhotra ने कहा— बैंकिंग सिस्टम मजबूत, कैपिटल एडिक्वेसी 17%; हरियाणा सरकार ने बैंक को किया डी-एम्पैनल

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नई दिल्ली। निजी क्षेत्र के IDFC First Bank में सामने आए ₹590 करोड़ के कथित फ्रॉड मामले पर भारतीय रिजर्व बैंक ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

Sanjay Malhotra, गवर्नर, Reserve Bank of India ने 23 फरवरी को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, *“हम इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। यहां कोई सिस्टमेटिक इश्यू नहीं है।”

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उन्होंने कहा कि बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी उपलब्ध है। वर्तमान में बैंकिंग सेक्टर की कैपिटल एडिक्वेसी 17% है, जबकि नियामकीय आवश्यकता 11.5% है।


शेयरों में भारी गिरावट

घोटाले के खुलासे के बाद बाजार में बैंक के शेयरों पर दबाव दिखा। दोपहर 12:35 बजे के आसपास IDFC First Bank के शेयर लगभग 16% गिरकर 70.39 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। इंट्राडे में यह गिरावट 20% तक पहुंच गई थी।

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क्या है पूरा मामला?

रविवार को बैंक ने खुलासा किया कि हरियाणा सरकार के खातों से जुड़े मामलों में उसके कुछ कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों द्वारा ₹590 करोड़ का कथित फ्रॉड किया गया।

बैंक के अनुसार, यह मामला चंडीगढ़ स्थित एक शाखा से जुड़ा है, जहां कुछ कर्मचारियों द्वारा अनधिकृत और धोखाधड़ीपूर्ण गतिविधियां की गईं।

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बैंक ने इस संबंध में नियामक को सूचित करने के साथ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट के लिए KPMG को नियुक्त किया गया है।


वित्तीय असर कितना?

ब्रोकरेज फर्मों के आकलन के मुताबिक, यह राशि बैंक की कुल नेटवर्थ का करीब 0.9% है।

  • UBS के अनुसार, संभावित असर वित्त वर्ष 2026 के मुनाफे का लगभग 22% हो सकता है।
  • Morgan Stanley ने अनुमान लगाया कि प्री-टैक्स प्रॉफिट पर लगभग 20% तक असर संभव है।
  • Jefferies ने कहा कि बैंक को निवेशकों को भरोसा दिलाना होगा कि यह मामला अन्य खातों तक नहीं फैला है और यह प्रणालीगत समस्या नहीं है।

हालांकि, पूंजी पर प्रभाव सीमित—लगभग 1%—रहने का अनुमान है।


हरियाणा सरकार की कार्रवाई

घटना के बाद हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को सरकारी कार्यों के लिए डी-एम्पैनल कर दिया है। अब अगली सूचना तक सरकारी धन इन बैंकों में जमा या निवेश नहीं किया जाएगा।


RBI का भरोसा

RBI गवर्नर ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में एनपीए घटे हैं और पूंजी स्थिति मजबूत है। उन्होंने भरोसा जताया कि बैंकिंग प्रणाली देश की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है और बाजार में पर्याप्त तरलता बनाए रखी जाएगी।