HDFC Bank CEO News: शशिधर जगदीशन के बाद कौन संभालेगा HDFC बैंक की कमान? कैजाद भरूचा का नाम सबसे आगे
प्रबंध निदेशक और CEO शशिधर जगदीशन ने दूसरा कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ने का किया फैसला; बोर्ड ने नए नेतृत्व की प्रक्रिया की तेज।
डिजिटल डेस्क (भदैनी मिरर): देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC बैंक में शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शशिधर जगदीशन ने अक्टूबर में अपना दूसरा कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस पद पर आगे न बने रहने का फैसला किया है। जगदीशन के इस फैसले के बाद बैंक बोर्ड ने नए उत्तराधिकारी की चयन प्रक्रिया को तेज कर दिया है।


कैजाद भरुचा मजबूत दावेदार, बाहरी नामों पर भी विचार
सूत्रों के मुताबिक, बैंक प्रशासन आंतरिक और बाहरी दोनों विकल्पों पर विचार कर रहा है। आंतरिक उम्मीदवारों में बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा का नाम सबसे आगे चल रहा है। भरूचा वर्तमान में बैंक के रिटेल और होलसेल बिजनेस की कमान संभाल रहे हैं और उनका कार्यकाल 2029 तक है।

हालांकि, स्थापित बैंकिंग नियमों के तहत बैंक को नए MD और CEO के चयन के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को कई नामों का पैनल भेजना होगा, जिसमें बाहरी विशेषज्ञों के नाम भी शामिल हो सकते हैं।
बोर्डरूम में हलचल और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर नजर
अक्टूबर 2020 से HDFC बैंक की कमान संभाल रहे शशिधर जगदीशन के इस फैसले को हालिया बोर्डरूम घटनाक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी साल बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने पत्र में कुछ आंतरिक कार्यप्रणालियों को अपने "व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता" के विपरीत बताया था।


हालांकि, बैंक द्वारा कराई गई एक स्वतंत्र कानूनी समीक्षा में कॉर्पोरेट गवर्नेंस में किसी भी प्रकार की चूक या असफलता का प्रमाण नहीं मिला था। इसके बाद पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को बैंक का नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की प्रतिक्रिया
बैंकिंग विश्लेषकों का मानना है कि नए CEO के चयन से बैंक को लेकर अनिश्चितता का माहौल खत्म होगा।
- अनिश्चितता होगी समाप्त: ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि जगदीशन द्वारा सेवा विस्तार न लेने के फैसले से RBI द्वारा कार्यकाल छोटा किए जाने का जोखिम खत्म हो गया है, जिससे शेयर बाजार में बनी अनिश्चितता दूर होगी।
- नया नेतृत्व और मजबूती: विशेषज्ञों का कहना है कि एक मजबूत और विश्वसनीय नेतृत्व आने से बैंक के शेयरों और संस्थागत साख को नया बल मिलेगा।
HDFC बैंक जल्द ही शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सूची मंजूरी के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को भेजेगा, जिसके बाद देश के सबसे बड़े निजी बैंक के नए कप्तान के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।
