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महंगाई और मजबूत डॉलर के दबाव में सोना-चांदी फिसले, दूसरे दिन भी गिरावट; जानें क्या है वजह

अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद घटी, डॉलर मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव
 

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Gold Silver Rate Today: वैश्विक बाजार में जारी आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी महंगाई के नए आंकड़ों और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बना दिया है।

गुरुवार सुबह लगभग 9:15 बजे एमसीएक्स (MCX) पर सोना अप्रैल वायदा 0.10% गिरकर 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी मई वायदा 0.57% गिरकर 2,66,969 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिली। सिंगापुर में सुबह करीब 8:05 बजे स्पॉट गोल्ड 0.9% गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 1.5% गिरकर 84.44 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इसके अलावा प्लैटिनम में 1% और पैलेडियम में 0.8% की गिरावट दर्ज की गई।

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महंगाई और मजबूत डॉलर से बढ़ा दबाव

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों की उम्मीदों को झटका दिया है। पहले माना जा रहा था कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, लेकिन अब यह संभावना कमजोर पड़ती दिख रही है।

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ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से डॉलर मजबूत हो गया है। डॉलर इंडेक्स में लगभग 0.3% की बढ़त दर्ज की गई है। मजबूत डॉलर आमतौर पर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को कमजोर करता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत डॉलर में तय होती है।

उधर यूरोपीय यूनियन ने भी चेतावनी दी है कि इस साल उसकी महंगाई दर 3% से ऊपर जा सकती है, जिससे वैश्विक आर्थिक दबाव और बढ़ने की आशंका है।


क्या सोने की तेजी पर लगा ब्रेक?

वैश्विक वित्तीय एजेंसी ब्लूमबर्ग के अनुसार, मेलबर्न स्थित वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन का मानना है कि सोने में आई यह गिरावट स्थायी नहीं बल्कि एक अस्थायी ठहराव है।

उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई की आशंका ने डॉलर को मजबूत कर दिया है और फिलहाल निवेशक सोने की जगह अन्य सुरक्षित विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।

सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशक ऐसे निवेश विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं जिनसे उन्हें ब्याज या रिटर्न मिल सके। यही कारण है कि कई निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने के लिए सोना बेचकर नकदी बढ़ाई है।


ETF निवेश में भी दिखी गिरावट

युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में निवेश जरूर बढ़ा था, लेकिन हाल के दिनों में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में सोने की होल्डिंग में गिरावट देखी गई है।

हालांकि पिछले सप्ताह बड़ी गिरावट के बाद इस सप्ताह कुछ निवेश फिर से बाजार में लौटते दिखाई दिए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की रुचि पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।


इस साल अब तक 20% चढ़ चुका है सोना

भले ही हाल के दिनों में कीमतों में गिरावट आई हो, लेकिन साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोना करीब 20% तक चढ़ चुका है। भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में निवेशक अब भी इसे सुरक्षित निवेश के तौर पर देखते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में जारी अस्थिरता के बीच सोने की तेजी का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यह केवल एक अस्थायी ठहराव हो सकता है और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।