निवेशकों की खरीददारी से उछला सोना-चांदी का दाम, जानें क्या है आज के भाव
कम कीमतों पर खरीदारी और वैश्विक संकेतों से सोना-चांदी में जोरदार उछाल, महंगाई आंकड़ों पर टिकी बाजार की नजर
नई दिल्ली, भदैनी मिरर। कमोडिटी बाजार में शुक्रवार को जबरदस्त हलचल देखने को मिली। पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर जमकर खरीदारी की, जिससे सोना और चांदी दोनों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट करीब ₹2000 उछलकर ₹1,54,837 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं मार्च फ्यूचर्स में चांदी ₹5600 से ज्यादा मजबूत होकर ₹2,42,081 प्रति किलो के आसपास बंद हुई।


अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला सपोर्ट
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में खरीदारी देखी गई। अमेरिकी बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स में मजबूती आई, जबकि स्पॉट सिल्वर में भी 2% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। समाचार एजेंसी Reuters के मुताबिक, बुधवार की तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने दोबारा पोजिशन बनानी शुरू की, जिससे कीमतों को सहारा मिला।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
IndusInd Securities के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट Jigar Trivedi का कहना है कि पिछले सत्र में 3% से ज्यादा गिरावट के बाद सोने में रिकवरी स्वाभाविक थी। उन्होंने बताया कि व्यापक बाजार बिकवाली के दौरान निवेशकों ने नकदी जुटाने के लिए कीमती धातुओं को बेचा था, लेकिन अब कम भाव पर दोबारा खरीदारी शुरू हो गई है।

उनके अनुसार, हालिया अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि ब्याज दरों में पहली कटौती पहले की उम्मीद से देर से हो सकती है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
अमेरिकी डेटा और फेड की नीति पर नजर
अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों ने ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदों को कमजोर किया है। अब निवेशकों की नजर आने वाले महंगाई आंकड़ों पर है, जिससे Federal Reserve की आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो सोना-चांदी में अस्थिरता बनी रह सकती है। हालांकि अनिश्चित वैश्विक माहौल में सुरक्षित निवेश के तौर पर इन धातुओं की मांग आगे भी बनी रहने की संभावना है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार जानकारों के मुताबिक, फिलहाल गोल्ड-सिल्वर में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए किसी भी फैसले से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना चाहिए।
