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Gold Price Today: ट्रंप के युद्धविराम से सोने-चांदी में जबरदस्त उछाल, चांदी ₹13,000 तो सोना ₹3600 हुआ महंगा

अमेरिका-ईरान के बीच 2 हफ्ते के लिए हमला टलने का सर्राफा बाजार पर भारी असर; MCX पर चांदी 2.44 लाख के पार, 10 अप्रैल से पाकिस्तान की मध्यस्थता में शांति वार्ता की उम्मीद।

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बिजनेस, डेस्क।  भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक उठापटक का सीधा असर आज सर्राफा बाजार पर देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले को दो हफ्तों के लिए टालने के ऐलान के बाद, सोने और चांदी की कीमतों (Gold-Silver Price) में जोरदार 'रिलीफ रैली' दर्ज की गई है। 

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इस फैसले से बाजार को फौरी राहत मिली है, जिसके परिणामस्वरूप निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की ओर रुख किया है।


MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हैं आज के रेट?

घरेलू वायदा बाजार (MCX) से लेकर अंतरराष्ट्रीय मार्केट तक, कीमती धातुओं में भारी उछाल दर्ज किया गया है:

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  • चांदी (Silver): MCX पर चांदी में 6% की जबरदस्त तेजी आई है। यह ₹13,000 उछलकर ₹2,44,770 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 4.3% बढ़कर 76.08 डॉलर प्रति औंस हो गई है।
  • सोना (Gold): MCX पर सोना 2.4% की बढ़त के साथ ₹3,600 महंगा होकर ₹1,53,944 प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 2.3% चढ़कर 4,811.66 डॉलर प्रति औंस पर है, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 4,840 डॉलर पर बंद हुए।
  • अन्य धातुएं: सोने-चांदी के अलावा प्लैटिनम में 2.4% और पैलेडियम में 2.1% की मजबूती दर्ज की गई है।


पाकिस्तान की मध्यस्थता से शांति वार्ता की उम्मीद

कूटनीतिक मोर्चे पर भी सरगर्मियां तेज हैं। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है। हालांकि, ईरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बातचीत के लिए राजी होने का मतलब यह नहीं है कि तनाव पूरी तरह से खत्म हो गया है।

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बाजार में 'रिलीफ रैली', लेकिन अनिश्चितता बरकरार

विशेषज्ञ इस तेजी को एक तात्कालिक "रिलीफ रैली" मान रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में एक्सपर्ट ताई वोंग ने बताया कि सोने के लिए 4,930 डॉलर और 5,000 डॉलर का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस (रुकावट) बना रहेगा। आगे बाजार की दिशा पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान इस दो हफ्ते के युद्धविराम का किस हद तक पालन करता है।


महंगाई और ऊर्जा कीमतें बनीं चुनौती:

विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजार के लिए ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव एक बड़ा जोखिम है। यदि कच्चे तेल के दाम दोबारा बढ़ते हैं, तो वैश्विक महंगाई में इजाफा होगा। ऐसे हालात में सोना हमेशा से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन अगर महंगाई रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो इससे सोने की तेजी पर ब्रेक भी लग सकता है।


डिस्‍क्‍लेमर (Disclaimer): कमोडिटी मार्केट में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी और विशेषज्ञों की राय केवल सूचनार्थ है, यह 'भदैनी मिरर' की निवेश सलाह नहीं है। किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श अवश्य लें।
 

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