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Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आया भारी भूचाल, चांदी ₹4000 तो सोना ₹2000 से ज्यादा उछला; जानें क्या है वजह

MCX पर रिकॉर्ड तेजी के साथ ₹1,47,800 पर पहुंचा 10 ग्राम सोना, क्या खत्म हो गया मंदी का दौर या फिर बढ़ेगा उतार-चढ़ाव?

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वाराणसी (भदैनी मिरर): कमोडिटी मार्केट से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में जारी गिरावट पर शुक्रवार (3 जुलाई) की सुबह अचानक ब्रेक लग गया। एमसीएक्स (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दोनों कीमती धातुओं के भाव में जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। शुरुआती कारोबार में ही चांदी की कीमतों में ₹4,000 प्रति किलो से ज्यादा की तेजी आई है, जबकि सोना भी ₹2,000 प्रति 10 ग्राम से अधिक महंगा हो गया है।

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जानिए मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर क्या हैं ताजा भाव?

शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही वायदा बाजार में जबरदस्त लिवाली देखने को मिली:

  • सोना (Gold Price): अगस्त डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव करीब 1.40% (₹2,077) की बढ़त के साथ ₹1,47,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

  • चांदी (Silver Price): सितंबर डिलीवरी वाली चांदी का कॉन्ट्रैक्ट 1.80% (₹4,256) की भारी उछाल के साथ ₹2,37,456 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता देखा गया।

वैश्विक बाजारों (सिंगापुर) का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख साफ नजर आ रहा है। सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड 0.7 फीसदी की बढ़त के साथ 4,151.48 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी भी 1 फीसदी मजबूत होकर 61.50 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रही थी।

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आखिर क्यों अचानक रॉकेट बन गए सोने-चांदी के दाम?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस अचानक आई तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण जिम्मेदार हैं:

  1. अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़े: अमेरिका में जून महीने के दौरान निजी क्षेत्र में केवल 98,000 नौकरियां बढ़ीं, जबकि अनुमान 1,18,000 का था। कृषिेतर क्षेत्रों (Nonfarm Payrolls) में भी सिर्फ 57,000 नई नौकरियां जुड़ीं। इन कमजोर आंकड़ों के बाद अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं।

  2. कमजोर होता डॉलर इंडेक्स: इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स में करीब आधा प्रतिशत की गिरावट आई है। डॉलर के कमजोर होने से विदेशी निवेशकों और दूसरी मुद्रा वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे मांग बढ़ती है।

  3. भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है। दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दों पर असहमति के चलते बाजार में अनिश्चितता का माहौल है, जिसका सीधा फायदा सेफ-हेवन एसेट यानी सोने को मिल रहा है।

क्या खत्म हो गया गिरावट का दौर? एक्सपर्ट्स की राय

यदि आप सोच रहे हैं कि सोने-चांदी में गिरावट का दौर पूरी तरह खत्म हो गया है, तो एक्सपर्ट्स अभी थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। जून के महीने में सोना करीब ₹15,100 तक टूटा था, जो 18 साल की सबसे बड़ी मासिक गिरावट थी।

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'पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च' के एक्सपर्ट मनोज कुमार जैन के मुताबिक, बाजार में अभी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। उन्होंने आगामी दिनों के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्तर (सपोर्ट और रेजिस्टेंस) बताए हैं:

एमसीएक्स (MCX) के लिए महत्वपूर्ण स्तर:

  • सोना: नीचे की तरफ ₹1,44,400 और ₹1,43,350 पर मजबूत सपोर्ट है। वहीं ऊपर जाने पर इसे ₹1,47,100 और ₹1,48,800 पर रुकावट (रेजिस्टेंस) मिल सकती है।

  • चांदी: नीचे की ओर ₹2,33,000 और ₹2,26,600 पर सपोर्ट है, जबकि ऊपर की तरफ ₹2,37,700 और ₹2,41,000 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

डिस्‍क्‍लेमर: कमोडिटी मार्केट (MCX) में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। भदैनी मिरर अपने पाठकों को सलाह देता है कि किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या कमोडिटी एक्सपर्ट से परामर्श अवश्य लें।