Gold-Silver Price Drop: सोना 7 महीने के निचले स्तर पर, ₹1.44 लाख तक लुढ़का; जानें क्या है चांदी का हाल
US फेड की सख्त नीति और मजबूत डॉलर के कारण कमोडिटी बाजार में हाहाकार, क्या ₹1.40 लाख तक आ जाएगा सोना?
Gold-Silver Price Today (भदैनी मिरर): भारतीय वायदा बाजार (MCX) में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार से मिले कमजोर संकेतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण सोना सात महीने के निचले स्तर पर फिसल गया है। निवेशकों के पोर्टफोलियो में मची इस हलचल के बीच अगस्त महीने का गोल्ड फ्यूचर्स और जुलाई की चांदी दोनों ही लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं।


MCX पर आज क्या हैं सोने-चांदी के भाव?
बुधवार, 24 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त वायदा सोने में 1.21 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई, जिसके बाद यह ₹1,44,759 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया।
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की चमक भी आज फीकी रही। जुलाई महीने का सिल्वर फ्यूचर्स 0.71 प्रतिशत टूटकर ₹2,24,227 प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रहा था।

आखिर क्यों आई सोने-चांदी में इतनी बड़ी गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:
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फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी और मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने सोने पर दबाव बनाया है।
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मजबूत डॉलर इंडेक्स (Dollar Index): अमेरिकी डॉलर पिछले एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। डॉलर इंडेक्स इस समय 101.52 के स्तर पर है। डॉलर के मजबूत होने से अन्य देशों की करेंसी के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे डिमांड घटती है।
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टेक शेयरों में गिरावट: अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में आई बिकवाली की वजह से निवेशकों ने दूसरे सेक्टर्स में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सोने में जमकर प्रॉफिट बुकिंग (बिकवाली) की है।
क्रूड ऑयल का असर: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते कूटनीतिक तालमेल की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में भी राहत है, लेकिन फेड की सख्त नीतियों के आगे यह राहत बाजार को संभाल नहीं पाई।
निवेश करें या अभी और रुकें? (Expert Advice)
लगातार गिरते बाजार को देखकर आम खरीदार और निवेशक असमंजस में हैं। केडिया कमोडिटीज के अजय केडिया के अनुसार, फिलहाल सोने में गिरावट का ट्रेंड (Bearish Trend) हावी है। ऐसे में किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना ही समझदारी होगी।

MCX पर सोने और चांदी के अहम लेवल्स (Support & Resistance)
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में ट्रेडिंग के लिए इन लेवल्स पर नजर रखना बेहद जरूरी है:
| कमोडिटी | पहला सपोर्ट (Support 1) | दूसरा सपोर्ट (Support 2) | पहला रेजिस्टेंस (Resistance 1) | दूसरा रेजिस्टेंस (Resistance 2) |
| MCX गोल्ड (10 ग्राम) | ₹1,45,200 | ₹1,44,000 | ₹1,47,200 | ₹1,48,100 |
| MCX चांदी (1 किग्रा) | ₹2,21,000 | ₹2,16,600 | ₹2,28,800 | ₹2,31,200 |
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ग्लोबल लेवल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में मनोज कुमार जैन (पृथ्वीफिनमार्ट) के अनुसार, गोल्ड को $4,089 और $4,040 पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि चांदी को $60 और $58.40 पर सपोर्ट मिल रहा है।
क्या ₹1.40 लाख तक जा सकता है सोना?
रवि सिंह के मुताबिक, जब तक सोना ₹1,51,000 से ₹1,53,000 के रेजिस्टेंस जोन को पार नहीं करता, तब तक बाजार में मंदी का माहौल रहेगा। अगर सोने का भाव ₹1,45,500 के स्तर को तोड़कर नीचे सस्टेन करता है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ेगा, जिससे कीमतें ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम तक भी फिसल सकती हैं।
फिलहाल सभी निवेशकों की नजरें गुरुवार को जारी होने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो आगे की दिशा तय करेंगे।
(डिस्क्लेमर: कमोडिटी मार्केट में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। भदैनी मिरर किसी भी तरह के निवेश की सलाह नहीं देता है। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।)
