कुरकुरे समेत कई बड़े ब्रांड्स पर फर्जी लेबलिंग का खेल: मुंबई में गोदाम पर छापा, कनाडाई एजेंसी CFIA अलर्ट
एक्सपायर हो चुके स्नैक्स पर फर्जी न्यूट्रिशन और नई डेट छापने का खुलासा, ₹67 लाख का माल और प्रिंटिंग मशीनें जब्त
मुंबई (भदैनी मिरर न्यूज़): भारत से विदेशों में भेजे जाने वाले पैकेज्ड फूड प्रॉडक्ट्स और भारत के स्नैक मार्केट से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मुंबई के तुर्भे इलाके में स्थित एक गोदाम पर छापेमारी कर एक्सपायर हो चुके और पुरानी डेट वाले खाद्य पदार्थों पर फर्जी न्यूट्रिशन इंफॉर्मेशन व नई एक्सपायरी डेट छापने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है।


इस घटना के सामने आने के बाद कनाडा की फूड इंस्पेक्शन एजेंसी (CFIA) ने भी अलर्ट जारी करते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
₹67 लाख का माल, केमिकल और प्रिंटिंग मशीनें बरामद
महाराष्ट्र FDA द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान गोदाम से लगभग 80,000 डॉलर (करीब ₹67 लाख) मूल्य के खाद्य उत्पाद, केमिकल और आधुनिक प्रिंटिंग मशीनें जब्त की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन मशीनों और केमिकल्स का इस्तेमाल पैकेट्स से पुराने न्यूट्रिशन लेबल व एक्सपायरी डेट मिटाकर नई और फर्जी तारीखें छापने के लिए किया जा रहा था।

जिन ब्रांडेड प्रोडक्ट्स के पैकेट्स पर अवैध रीलैबलिंग (Re-labeling) की जा रही थी, उनमें पेप्सिको, नेस्ले, कोका-कोला और यूनिलीवर जैसी दिग्गज कंपनियों के उत्पाद शामिल थे। हालांकि, जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि इन मूल कंपनियों की कोई गलती नहीं है, बल्कि जांच का पूरा ध्यान अवैध रूप से काम करने वाले एक्सपोर्टर्स पर है।


द्विभाषी (English-French) कुरकुरे के पैकेट ने पकड़ा मामला
कार्रवाई के दौरान कुरकुरे के एक पैकेट ने जांच अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। पैकेट पर अंग्रेजी और फ्रेंच दोनों भाषाओं में न्यूट्रिशन संबंधी विवरण का लेबल चिपकाया गया था। गौरतलब है कि कनाडा में खाद्य सामग्री बेचने के लिए अंग्रेजी और फ्रेंच दोनों भाषाओं में जानकारी देना अनिवार्य है। आशंका जताई जा रही है कि विदेशी बाजारों के मानकों को धोखा देने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।
19 गुमनाम एक्सपोर्टर्स के लिए चल रहा था गोदाम
जांच में सामने आया है कि गोदाम के संचालक लगभग 19 ऐसे छोटे और गुमनाम एक्सपोर्टर्स (Little-Known Exporters) के लिए काम कर रहे थे, जिनका मुख्य काम एक्सपायर हो चुके माल को रिपेक कर अंतरराष्ट्रीय व स्थानीय बाजारों में खपाना था।
मामले पर पेप्सिको (PepsiCo) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि उनका इन अनधिकृत एक्सपोर्ट कंपनियों से कोई व्यावसायिक संबंध नहीं है और भारत में बने उनके उत्पाद केवल भारतीय बाजार में बिक्री के लिए ही अधिकृत होते हैं।
कनाडा सरकार ने शुरू की जांच
कनाडाई एजेंसी CFIA ने कहा है कि वह पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, अभी तक इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि ये रि-लेबल किए गए नकली या एक्सपायर्ड उत्पाद कनाडा के बाजारों तक पहुंचे हैं। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से वहां की एजेंसियों ने भारतीय खाद्य आयात पर चेकिंग बढ़ा दी है।
