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EPF Scheme 2026: 8 करोड़ कर्मचारियों के लिए पीएफ के नए नियम नोटिफाई

EPFO New Rules: बीमारी, पढ़ाई और घर के लिए ही निकाल सकेंगे PF का पैसा, एडवांस निकासी की 13 श्रेणियां घटकर हुईं सिर्फ 3

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नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करीब 8 करोड़ एक्टिव मेंबर्स के लिए नए नियमों को नोटिफाई कर दिया है। सरकार द्वारा जारी की गई नई 'ईपीएफ योजना 2026' (EPF Scheme 2026) के तहत पीएफ योगदान से लेकर एडवांस निकासी (PF Withdrawal) के नियमों में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों नौकरीपेशा लोगों की इन-हैंड सैलरी और उनके रिटायरमेंट फंड पर पड़ेगा।

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आइए जानते हैं कि इस नई योजना के तहत आपके लिए क्या-क्या बदलने जा रहा है:

₹1,800 का अनिवार्य पीएफ कंट्रीब्यूशन रहेगा बरकरार

नए नियमों के अनुसार, अब 12% अनिवार्य पीएफ अंशदान को सिर्फ 15,000 रुपये प्रति माह की वैधानिक वेतन सीमा तक ही सीमित रखा गया है। इसके तहत अनिवार्य पीएफ कंट्रीब्यूशन के रूप में 1,800 रुपये की लिमिट को बरकरार रखा गया है।

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इसका मतलब यह है कि यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन (Basic Salary) 1 लाख रुपये प्रति माह भी है, तो भी ईपीएफ के तहत अनिवार्य रूप से उसके वेतन से सिर्फ 1,800 रुपये ही काटे जाएंगे। हालांकि, जो कर्मचारी अपने रिटायरमेंट के लिए अधिक बचत करना चाहते हैं, वे स्वेच्छा से अधिक योगदान (Voluntary PF) चुन सकते हैं।

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  • कंट्रीब्यूशन में मिलेगी आजादी: कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) अपनी मर्जी से किए जा रहे इस एक्स्ट्रा कंट्रीब्यूशन को किसी भी समय कम या पूरी तरह बंद कर सकते हैं। नियोक्ता के लिए इस अतिरिक्त राशि में बराबर का योगदान देना अनिवार्य नहीं होगा।

निकासी की 13 श्रेणियां घटकर हुईं सिर्फ 3, आसान होगी प्रक्रिया

नई ईपीएफ योजना 2026 में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा मंजूर किए गए निकासी सुधारों को लागू कर दिया गया है। पहले पीएफ से एडवांस पैसा निकालने के लिए तय की गई 13 अलग-अलग श्रेणियों को अब समेटकर केवल 3 मुख्य श्रेणियों में बदल दिया गया है, ताकि ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट को तेज और आसान बनाया जा सके:

  1. आवश्यक आवश्यकताएं (Essential Needs): गंभीर बीमारी का इलाज, उच्च शिक्षा और विवाह से जुड़े खर्च।

  2. आवास की आवश्यकताएं (Housing Needs): नया घर या जमीन खरीदना, मकान का निर्माण और आवास से जुड़े अन्य खर्च।

  3. विशेष परिस्थितियां (Special Circumstances): आपातकालीन स्थितियां या अन्य जरूरी आपदाएं जो पहली श्रेणियों में शामिल न हों।

खाते में बरकरार रखना होगा 25% फंड नए नियमों के तहत सदस्य अपनी पात्रता का 100% तक पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए एक शर्त जोड़ी गई है। कर्मचारियों को अपने पीएफ खाते में कुल योगदान (कर्मचारी + नियोक्ता हिस्सा) का कम से कम 25% हिस्सा अनिवार्य रूप से छोड़ना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट के समय खाते में एक न्यूनतम सुरक्षित राशि बची रहे।

नियोक्ताओं (Employers) को 15 दिनों में देना होगा पूरा डेटा

EPF Scheme 2026 के लागू होने के साथ ही कंपनियों और नियोक्ताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। अब हर नियोक्ता को नई योजना लागू होने के 15 दिनों के भीतर Form-V में एक कंसोलिडेटेड रिटर्न डिटेल जमा करनी होगी। इस डिजिटल रिटर्न में कंपनी के सभी कर्मचारियों का पूरा डेटा शामिल होना अनिवार्य है, जिसमें कर्मचारियों का पैन कार्ड, [Aadhaar Redacted], UAN नंबर, ग्रॉस वेजेस (Gross Wages) और ईपीएफ वेजेस (EPF Wages) की जानकारी देनी होगी।

पूरी तरह डिजिटल होगी नई व्यवस्था

नई योजना का मुख्य फोकस कागजी कार्रवाई को खत्म कर डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना है। इसके तहत ऑनलाइन पीएफ क्लेम सेटलमेंट, इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग, ई-पासबुक और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के एकीकरण को अत्यधिक प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों के क्लेम कुछ ही दिनों में सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो सकें।