AI निवेश की चिंता से IT शेयरों में कोहराम, निवेशकों के लिए ‘ब्लैक फ्राइडे’
Infosys, Tata Consultancy Services, Wipro और HCL Technologies में 7% तक गिरावट
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में हो रहे भारी निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने भारतीय आईटी शेयरों में जबरदस्त बिकवाली करा दी है। शुक्रवार को निवेशकों के लिए मानो “ब्लैक फ्राइडे” जैसा माहौल बन गया।
शुरुआती कारोबार में ही Infosys करीब 7% तक टूट गया, जबकि Tata Consultancy Services, HCL Technologies और Tech Mahindra में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। Wipro समेत अन्य आईटी स्टॉक्स भी भारी दबाव में रहे।


गुरुवार को ही NIFTY IT Index करीब 5.5% टूट चुका था। बीते एक सप्ताह में यह इंडेक्स लगभग 7% फिसल गया है, जबकि साल 2026 की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 13% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। इससे साफ है कि सेक्टर पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
वॉल स्ट्रीट की कमजोरी का असर भारत तक

भारतीय आईटी शेयरों पर असर वैश्विक बाजारों से भी आया है। New York Stock Exchange पर इंफोसिस और विप्रो के एडीआर में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे घरेलू निवेशकों की धारणा और कमजोर हुई।
अमेरिका में भी टेक शेयर दबाव में रहे। Philadelphia Semiconductor Index फिसला, जबकि तथाकथित “मैग्निफिसेंट सेवन” में शामिल दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए।

अमेरिकी टेक दिग्गजों में भी बिकवाली
गुरुवार को Apple, NVIDIA, Amazon, Microsoft और Meta Platforms जैसे बड़े नामों में भी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Cognizant और Accenture जैसे आईटी सर्विस प्रोवाइडर्स के शेयर भी टूटे।
AI निवेश बना चिंता की बड़ी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक टेक शेयरों पर दबाव की सबसे बड़ी वजह यह आशंका है कि कहीं AI में किए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश से कंपनियों को अपेक्षित रिटर्न न मिल पाए। रिपोर्ट्स के अनुसार Google, Amazon, Meta Platforms और Microsoft मिलकर आने वाले समय में AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर करीब 650 अरब डॉलर तक खर्च कर सकती हैं।
इतने बड़े पूंजीगत व्यय ने निवेशकों के मन में मार्जिन घटने, कमाई पर दबाव और वैश्विक सॉफ्टवेयर व सर्विस इकोसिस्टम में संभावित बदलाव की आशंकाएं पैदा कर दी हैं। यही वजह है कि फिलहाल आईटी सेक्टर से पैसा निकलता नजर आ रहा है।
