Tej Pratap Yadav: लालू के बड़े लाल तेज प्रताप यादव पर पटना कोर्ट में मुकदमा; जबरन घर में घुसने और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से धमकी दिलाने का आरोप
आकाश यादव ने तेज प्रताप के खिलाफ दर्ज कराया परिवाद, भांजी के अपहरण और विदेशी नंबर से गोली मारने की धमकी का दावा; तेज प्रताप बोले- 'झूठ के आगे नहीं झुकूंगा।'
पटना डेस्क, भदैनी मिरर: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर बड़ी कानूनी मुसीबत में घिर गए हैं। एक लड़की के साथ उनके कथित रिलेशनशिप को लेकर शुरू हुआ विवाद अब ठंडे बस्ते से निकलकर सीधे कोर्ट की दहलीज तक पहुंच चुका है। इस पूरे मामले में अब देश के कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग की एंट्री का भी दावा किया गया है। दरअसल, आकाश यादव नामक व्यक्ति ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना कोर्ट में एक परिवाद (नालसी मुकदमा) दर्ज कराया है। आकाश का आरोप है कि पुलिस द्वारा शिकायत पर कोई कार्रवाई न किए जाने के बाद उन्हें मजबूरन अदालत की शरण लेनी पड़ी।


शौचालय जाने का बहाना बनाकर घर में जबरन एंट्री का आरोप
अदालत में दायर की गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना 6 जून की रात की है, जब मुख्य शिकायतकर्ता आकाश यादव राजस्थान में थे। आरोप है कि तेज प्रताप यादव अपने पीए (PA) मोतीलाल यादव के साथ जबरन आकाश के पटना स्थित घर में घुस गए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, तेज प्रताप अक्सर वहां आते-जाते थे, जिसके कारण परिवार डर के मारे उन्हें सीधे रोक नहीं पाता था। 6 जून की रात तेज प्रताप ने आकाश की भांजी उज्जैनी से मिलने की जिद की। जब घर में मौजूद मां और बहन ने मुख्य दरवाजा नहीं खोला, तो तेज प्रताप कथित तौर पर शौचालय (टॉयलेट) जाने का बहाना बनाकर घर के अंदर दाखिल हो गए और काफी देर तक बाहर नहीं निकले।

'भांजी का अपहरण करा देंगे...' और विदेशी नंबर से आई धमकी
आकाश यादव का आरोप है कि जब उन्हें राजस्थान में इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत तेज प्रताप के पीए मोतीलाल को फोन किया। इसके बाद जब तेज प्रताप से उनकी बात कराई गई, तो उन्होंने सीधे शब्दों में धमकी दी कि अगर उज्जैनी से मिलने से रोका, तो वह भांजी का अपहरण करवा देंगे।

यही नहीं, आकाश का दावा है कि इस बातचीत के कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए धमकी दी कि अगर तेज प्रताप के खिलाफ पुलिस में शिकायत की या कोर्ट गए, तो सीधे गोली मार दी जाएगी। इस घटना के बाद से आकाश का पूरा परिवार खौफ के साए में जी रहा है।
तेज प्रताप यादव का पलटवार: 'मेरी छवि धूमिल करने की सुनियोजित साजिश'
इस गंभीर मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान जारी कर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने लिखा:
"यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक और असामाजिक व्यवहार के लिए विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया था, उसने अपनी गलती मानने के बजाय प्रतिशोध की भावना से ग्रसित होकर मेरे विरुद्ध झूठी और मनगढ़ंत कहानी गढ़ी है। यह स्पष्ट रूप से मेरी सार्वजनिक छवि, सामाजिक प्रतिष्ठा और वर्षों से अर्जित जनविश्वास को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास है।"
तेज प्रताप ने आगे कहा कि वह एक सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति हैं और हमेशा कानून व संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते आए हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि उनकी विनम्रता को कोई उनकी कमजोरी समझने की भूल न करे। वह इस तरह की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाइयों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और अपनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ उपलब्ध सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल करते हुए कठोरतम कार्रवाई करेंगे। उन्होंने अपने बयान का अंत करते हुए लिखा, "सत्य की विजय निश्चित है। मैं झूठ, भय और साजिश के आगे न कभी झुका हूँ, न झुकूँगा।"
