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बांकीपुर उपचुनाव में सियासी भूचाल: BJP उम्मीदवार के नाम वापसी पर प्रशांत किशोर का बड़ा हमला

नामांकन के अगले ही दिन बीजेपी प्रत्याशी ने मैदान छोड़ा, नीरज सिन्हा नए उम्मीदवार

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पटना(भदैनी मिरर): बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने अचानक अपना नामांकन वापस लेकर सबको चौंका दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि अभिषेक सिन्हा ने महज एक दिन पहले गुरुवार को ही ढोल-नगाड़ों के साथ अपना पर्चा दाखिल किया था।

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अभिषेक कुमार सिन्हा ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी को पत्र सौंपकर उम्मीदवारी वापस लेने के पीछे 'पारिवारिक कारणों' का हवाला दिया है। इस अचानक आए संकट के बाद डैमेज कंट्रोल करते हुए बीजेपी ने आनन-फानन में साल 2006 से पार्टी के सक्रिय सदस्य रहे नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। बता दें कि यह सीट बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक नितिन नबीन के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई है।

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'बड़े-बड़े नेताओं का पसीना निकल गया'— नाम वापसी पर बरसे प्रशांत किशोर

बांकीपुर सीट से खुद चुनाव मैदान में उतरे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने बीजेपी उम्मीदवार के पीछे हटने पर तीखा तंज कसा है। प्रशांत किशोर ने कहा, "यह घटनाक्रम साफ दिखाता है कि कोई भी विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र किसी नेता का स्थायी गढ़ या जागीर नहीं होता। अगर जनता जाग जाए और उठ खड़ी हो, तो बड़े से बड़े सूरमाओं का पसीना छूट जाता है। जिस बांकीपुर को कल तक भाजपा के लोग अपना अजेय किला बता रहे थे और कह रहे थे कि किसी को भी टिकट दे दें तो जीत जाएंगे, आज वहां जनता के सामने जन सुराज के रूप में मजबूत विकल्प आते ही इन्हें उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं।"

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'ईडी-सीबीआई से डराने वालों के साथ ऊपर वाले ने किया इंसाफ'

प्रशांत किशोर ने आगे हमला जारी रखते हुए कहा, "पिछले कुछ सालों में देश ने देखा है कि कैसे ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स के डर से दूसरी पार्टियों के उम्मीदवार मैदान छोड़कर भागते हैं या बिक जाते हैं। आज ऊपर वाले ने इनके साथ बिल्कुल वैसा ही इंसाफ किया है। इनका खुद का उम्मीदवार मैदान छोड़कर भागा है। अब इन्हें चिंता करने दीजिए, आगामी 3 तारीख को जब ईवीएम खुलेगी और नतीजे आएंगे, तो मुकम्मल हिसाब होगा।"

त्रिकोणीय और दिलचस्प हुआ बांकीपुर का मुकाबला, 13 जुलाई आखिरी तारीख

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख सोमवार, 13 जुलाई है। इस शहरी सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और बहुकोणीय हो चुका है:

  • जन सुराज: खुद संस्थापक प्रशांत किशोर चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

  • भाजपा: अभिषेक सिन्हा के हटने के बाद अब नीरज कुमार सिन्हा मोर्चा संभालेंगे।

  • आरजेडी (RJD): लालू प्रसाद यादव की पार्टी की ओर से रेखा गुप्ता उम्मीदवार हैं।

  • जनशक्ति जनता दल: तेज प्रताप यादव की नई पार्टी ने सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को उतारा है।

बांकीपुर सीट का कड़ा समीकरण और इतिहास

पटना जिले की इस हाई-प्रोफाइल बांकीपुर सीट पर करीब 4 लाख मतदाता हैं। पारंपरिक रूप से इसे भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां पार्टी साल 1995 से कभी चुनाव नहीं हारी है। इस क्षेत्र में कायस्थ (15-20%) और वैश्य (व्यापारी वर्ग) मतदाताओं का भारी प्रभाव है। पिछले चुनाव में बीजेपी के नितिन नबीन को 98 हजार से अधिक वोट मिले थे, जबकि आरजेडी की रेखा गुप्ता को 47 हजार वोट मिले थे। वहीं, पिछले आम चुनाव में जन सुराज की वंदना कुमारी को यहां महज 8 हजार से कम वोटों से संतोष करना पड़ा था।

खुद मैदान में उतरे प्रशांत किशोर, कहा- बिहार बदलने का मिशन है

2025 के मुख्य विधानसभा चुनाव के दौरान अंतिम समय में चुनावी मैदान से पीछे हटने वाले प्रशांत किशोर का इस उपचुनाव में खुद उतरना राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर रहा है। अपनी उम्मीदवारी पर समर्थकों का आभार जताते हुए पीके ने कहा, "पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही मेरा जीवन है। आने वाले 10 सालों तक जब तक बिहार को बदलने का सपना पूरा नहीं होता, मेरा कोई दूसरा लक्ष्य नहीं है। चुनाव के नतीजों से जो कार्यकर्ता निराश हुए थे, बांकीपुर की जीत उनके उत्साह को दोबारा बढ़ाएगी और बिहार में नए राजनीतिक आंदोलन को एक नई ताकत देगी।"