बिहार: वंदे भारत एक्सप्रेस में फटा डिस्पोजेबल गिलास, खौलते पानी से 1 साल के मासूम का पैर झुलसा
देवघर से गयाजी जा रहे परिवार के साथ हादसा; अटेंडेंट पर फूटा गिलास देने का आरोप, नवादा और गया स्टेशन पर कराया गया प्राथमिक उपचार।
भदैनी मिरर डेस्क: देवघर से गयाजी जा रहे एक श्रद्धालु परिवार के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22499) का सफर बेहद दर्दनाक साबित हुआ। ट्रेन में कैटरिंग सर्विस के दौरान परोसे गए गर्म पानी का डिस्पोजेबल गिलास फटने से खौलता पानी गोद में बैठे महज एक साल के मासूम के पैर पर गिर गया, जिससे बच्चा बुरी तरह झुलस गया।

पीड़ित परिवार ने ऑन-ड्यूटी अटेंडेंट और मैनेजर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 'रेल मदद' (Rail Madad) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परोसा गया था क्षतिग्रस्त गिलास, पानी डालते ही हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के देवास निवासी विनायक राव जाधव अपने परिवार के साथ देवघर में दर्शन-पूजन के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस से गयाजी लौट रहे थे। यात्रा के दौरान जब पैंट्री कार/सर्विस स्टाफ यात्रियों को जलपान और चाय/गर्म पानी परोस रहा था, तब परिवार को भी डिस्पोजेबल गिलास में खौलता पानी दिया गया।

परिवार के सदस्य दीपांशु जाधव का आरोप है कि सर्विस अटेंडेंट ने उन्हें पहले से क्षतिग्रस्त/फूटा हुआ डिस्पोजेबल गिलास थमा दिया। जैसे ही उसमें खौलता हुआ पानी डाला गया, गिलास अचानक फट गया और सारा गर्म पानी गोद में बैठे एक वर्षीय मासूम के पैर पर जा गिरा।
डिब्बे में मची अफरातफरी, आई-कार्ड मांगने पर मुकरा अटेंडेंट
मासूम के चिल्लाने और रोने की आवाज सुनकर बोगी में अफरातफरी मच गई। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने घटना के तुरंत बाद संबंधित सर्विस अटेंडेंट से उसका पहचान पत्र (I-Card) मांगा, तो उसने दिखाने से मना कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे मैनेजर अंकित कुमार भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और न ही तत्काल कोई राहत प्रदान की।

नवादा में प्राथमिक उपचार, गया स्टेशन पर अस्पताल रेफर
बच्चे के पैर में जलन और हालत बिगड़ते देख परिजनों ने रेलवे से आपातकालीन चिकित्सा सहायता मांगी।
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नवादा स्टेशन: ट्रेन के नवादा पहुंचने पर बच्चे को शुरुआती प्राथमिक उपचार (First Aid) दिया गया, लेकिन राहत न मिलने पर परिजनों ने गया स्टेशन पर डॉक्टर की व्यवस्था करने की गुहार लगाई।
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गया स्टेशन: गयाजी पहुंचने पर उप स्टेशन प्रबंधक विनोद कुमार सिंह ने स्थिति को देखते हुए बच्चे को रेलवे अस्पताल ले जाने के लिए पर्ची जारी की, जिसके बाद परिजन मासूम को इलाज के लिए ले गए।
रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज
पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, रेलवे में गर्म पानी परोसने के सुरक्षा मानकों की समीक्षा और बिना पहचान पत्र के काम कर रहे वेंडरों/कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, उप स्टेशन प्रबंधक विनोद कुमार सिंह का कहना है कि बच्चे के समुचित इलाज के लिए रेलवे की ओर से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
