{"vars":{"id": "125128:4947"}}

'Youth कहे आज का, No More भाजपा!' CBSE विवाद और बिजली संकट को लेकर अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला, मुख्यमंत्री-बिजली मंत्री की 'आपसी गर्मी' पर भी कसा तंज

सीबीएसई कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन पर सपा प्रमुख ने उठाए सवाल; बोले- 'जब घपला करने वाला करप्ट सिस्टम वही है, तो री-चेकिंग से क्या हासिल होगा?'

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों परीक्षाओं के नतीजों और भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट को लेकर वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के परीक्षा विवाद और राज्य के बिजली संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर बैक-टू-बैक पोस्ट कर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और युवाओं से “नो मोर भाजपा” का नारा बुलंद करने का आह्वान किया।

CBSE विवाद पर बोले- 'करप्ट सिस्टम' से क्या उम्मीद करें?

अखिलेश यादव ने सीबीएसई परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंता साझा की। उन्होंने कहा, "सीबीएसई के मामले में लाखों स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी समस्या यह है कि कॉपियों को फिर से जांचने (Re-evaluation) की मांग करके भी क्या हासिल होगा? क्योंकि घपला करने वाला भाजपा का करप्ट सिस्टम तो वही है। इस अव्यवस्था पर न तो कोई जिम्मेदारी ले रहा है और न ही कोई इस्तीफा दे रहा है।"

सपा प्रमुख ने आगे आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे जिन लोगों ने शिक्षा व्यवस्था पर अपना एकाधिकार बना रखा है, वे गड़बड़ी सामने आते ही अंडरग्राउंड हो गए हैं। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले लोग देश के वर्तमान और भविष्य दोनों के साथ दगा कर रहे हैं।

यूपी के बिजली संकट पर तंज: "मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में क्यों नहीं आते बिजली मंत्री?"

इससे एक दिन पहले, अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में जारी गंभीर बिजली संकट को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री पर सीधा निशाना साधा था। उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "शक्र है उप्र के 'असफल मुख्यमंत्री' जी ने यह नहीं कहा कि इस 'महा विद्युत आपदा' के पीछे दिल्ली वालों के भेजे हुए दूत की साजिश है।"

दोनों नेताओं के बीच कथित राजनीतिक खींचतान पर चुटकी लेते हुए अखिलेश ने लिखा:

"यह स्पष्ट किया जाए कि मुख्यमंत्री जी की समीक्षा बैठक में बिजली मंत्री जी आते नहीं हैं या बुलाए नहीं जाते हैं? अगर आते हैं तो माननीय से अनुरोध है कि उनके ‘कंधे पर हाथ रखकर’ एक तस्वीर आप पोस्ट कर दीजिए, जनता को आपकी ‘आपसी गर्मी’ से तो राहत मिल जाएगी। क्योंकि जनता ने आप दोनों को कभी एकांत में साथ देखा नहीं।"

"भाजपा में अब करंट नहीं रहा"

बिजली उपकेंद्रों पर सुरक्षा के लिए पीएसी (PAC) तैनात किए जाने और भाजपा सांसदों-विधायकों द्वारा अपनी ही सरकार को लिखे जा रहे पत्रों पर भी सपा प्रमुख ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि खुद जनता के आक्रोश से बचने के लिए कायराना तरीके से पत्र लिख रहे हैं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा में अब कोई 'करंट' नहीं बचा है और आगामी चुनाव में जनता इन्हें पूरी तरह नकार कर साफ कर देगी।