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वाराणसी: अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर देख भड़के सपाई, बीजेपी पर लगाया 'गंदी राजनीति' का आरोप

रामनगर PAC तिराहे पर लगे पोस्टर से सनसनी: कार्यकर्ताओं ने फाड़कर जताया विरोध

 

वाराणसी: धर्मनगरी काशी की राजनीति में पोस्टर वॉर ने एक बार फिर उबाल ला दिया है। रामनगर स्थित पीएसी (PAC) तिराहे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ अज्ञात लोगों द्वारा आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। पोस्टर की जानकारी मिलते ही समाजवादी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर पहुंचकर न केवल विरोध प्रदर्शन किया, बल्कि पुलिस की मौजूदगी में उन पोस्टरों को हटाकर फाड़ दिया।

भाजपा की सोची-समझी साजिश: 

सपा समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि यह कृत्य भाजपा समर्थित अराजक तत्वों की एक गहरी राजनीतिक साजिश है। महानगर अध्यक्ष (पिछड़ा प्रकोष्ठ) विवेक राकी और महानगर अध्यक्ष (महिला सभा) संगीता पटेल ने संयुक्त रूप से कहा कि अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकता से भाजपा सरकार बौखला गई है। इसी बौखलाहट में अब वे घटिया स्तर की राजनीति और व्यक्तिगत छवि खराब करने पर उतर आए हैं।

स्मार्ट मीटर का भी उठा मुद्दा

सपाइयों ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा पहले 'स्मार्ट मीटर' के नाम पर जनता को लूटने की योजना बना रही थी। पोस्टपेड मीटर को रातों-रात प्रीपेड में बदलकर गरीबों पर बोझ डाला गया, लेकिन समाजवादियों और जनता के कड़े विरोध के आगे सरकार को झुकना पड़ा। अब उसी हार का बदला लेने के लिए अखिलेश यादव को निशाना बनाया जा रहा है।

पुलिस को अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी

घटना की सूचना मिलते ही लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सौरभ आनंद और विवेक राकी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता रामनगर थाने पहुंचे। वहां उन्होंने थाना प्रभारी राजकिशोर पांडे को शिकायती पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। समाजवादी पार्टी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी जिले भर में सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।

इस दौरान मुख्य रूप से मणि शंकर, इंजामुल खान, हमजा खान, मनीष यादव, उमेश यादव सहित भारी संख्या में सपाई मौजूद रहे।