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वाराणसी में सांसद सनातन पांडेय का बड़ा एलान: 5 अगस्त से शुरू होगा 'संकल्प दिवस' कार्यक्रम

सर्किट हाउस की प्रेस वार्ता में गरजे सांसद; कहा- अन्याय के खिलाफ उठेगी आवाज, गठबंधन की मर्यादा का करेंगे पूरा सम्मान

 

वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): धर्मनगरी वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्रीय सांसद सनातन पांडेय ने आगामी राजनीतिक और सामाजिक रणनीतियों को लेकर कई बड़े एलान किए हैं। सांसद ने आगामी 5 अगस्त से शुरू होने वाले 'संकल्प दिवस' कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने साफ किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और शोषित वर्गों को न्याय दिलाना और एक समतामूलक समाज की स्थापना करना है।

अन्याय के खिलाफ शंखनाद करेगा 'संकल्प दिवस' 

पत्रकारों को संबोधित करते हुए सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि 'संकल्प दिवस' कार्यक्रम के जरिए गरीबों, कमजोर वर्गों, दलितों, पिछड़ों और समाज के अन्य सभी उपेक्षित तबकों के प्रति हो रहे अन्याय के खिलाफ पुरजोर तरीके से आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मजबूत करना बेहद जरूरी है और यह कार्यक्रम एक ऐसी समाज-मूलक व्यवस्था की स्थापना का प्रयास करेगा जहां हर वर्ग को उसका हक और सम्मान मिल सके।

"ब्राह्मण समाज सबको सिखाने का काम करता है"

प्रेस वार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने ब्राह्मणों के सम्मान और उनके प्रति बढ़ती राजनीतिक चर्चाओं व उपेक्षा को लेकर सवाल पूछा, तो सांसद ने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "ब्राह्मण समाज हमेशा से मार्गदर्शक रहा है और सबको सिखाने का काम करता है। सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर हिस्से तक पहुंचे, इसके बाद ब्राह्मण समाज भी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की दिशा में अपनी अहम भूमिका निभाएगा।" उन्होंने समाज में आपसी भाईचारे और सभी जातियों के सह-अस्तित्व पर जोर दिया।

सीट बंटवारे और गठबंधन की मर्यादा पर बड़ा बयान 

आगामी चुनावों और उसमें सहयोगियों के साथ सीट शेयरिंग (Seat Sharing) को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद सनातन पांडेय ने गठबंधन की एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस (Congress) और अन्य सभी सहयोगी दलों के साथ मिलकर पूरी मजबूती से आगे बढ़ेंगे। सांसद ने स्पष्ट किया कि राजनीति में गठबंधन की एक मर्यादा होती है और वे उस मर्यादा का न सिर्फ पूरा सम्मान करेंगे, बल्कि आपसी समन्वय के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे।