सम्राट चौधरी: RJD और JDU से होते हुए बिहार की सत्ता के शिखर तक, ऐसे बने सूबे के नए 'सियासी चौधरी'
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी, कभी दूसरी पार्टियों में रहकर दी थी बीजेपी को चुनौती; अब संभालेंगे बिहार की कमान।
बिहार की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हो गया है। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब सत्ता की बागडोर सम्राट चौधरी के हाथों में आ गई है। बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि सम्राट चौधरी की यह सफलता किसी पारंपरिक बीजेपी नेता जैसी नहीं है, बल्कि यह उनके आठ साल के कड़े संघर्ष और राजनीतिक कौशल का परिणाम है।
संघ की पाठशाला नहीं, फिर भी बीजेपी में बढ़ा कद
सम्राट चौधरी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे न तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आते हैं और न ही उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत बीजेपी से की थी। इसके बावजूद, बीजेपी की कार्यसंस्कृति में रच-बसकर उन्होंने वह मुकाम हासिल किया, जो कई पुराने दिग्गजों के लिए सपना होता है। उन्होंने पार्टी के भीतर अपनी ऐसी धाक जमाई कि आज वे बिहार में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे बनकर उभरे हैं।
RJD और JDU से रहा है पुराना नाता
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। बीजेपी में आने से पहले वे आरजेडी (RJD) और जेडीयू (JDU) जैसे प्रमुख दलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। विपक्षी खेमे में रहकर उन्होंने लंबे समय तक राजनीति की बारीकियों को सीखा। आठ साल पहले जब उन्होंने बीजेपी का दामन थामा, तब किसी ने नहीं सोचा था कि वे इतनी जल्दी राज्य के सर्वोच्च पद तक पहुँच जाएंगे।
2025 चुनाव और विपक्ष के निशाने पर सम्राट
2025 के विधानसभा चुनाव में सम्राट चौधरी विपक्षी दलों के सबसे बड़े निशाने पर रहे। उन पर व्यक्तिगत और राजनीतिक हमलों की बौछार की गई, लेकिन इसका परिणाम एनडीए के पक्ष में रहा। उनके नेतृत्व और आक्रामक चुनाव प्रचार ने एनडीए की सत्ता में वापसी को सुनिश्चित किया, जिसका इनाम अब उन्हें मुख्यमंत्री पद के रूप में मिला है।