CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर राहुल गांधी और अभिजीत दीपके आए साथ?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने सुर मिलाए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या दोनों नेता अब चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाएंगे।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। खास बात यह है कि कॉकरोच जनता पार्टी (Cजेपी) जैसे प्रेशर ग्रुप से लेकर देश के सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस ने एक जैसी मांग उठाई है। इस सियासी घटनाक्रम के बाद से यह सवाल उठने लगा है कि क्या लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और Cजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके इस मुद्दे पर किसी साझा मंच पर साथ आएंगे या नहीं।
जुलाई के जंतर-मंतर प्रदर्शन की यादें
इससे पहले जुलाई महीने में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर ऐसा ही माहौल बना था। तब नीट पेपर लीक के खिलाफ भारी नारेबाजी हो रही थी, जिसमें मुख्य रूप से कॉकरोच जनता पार्टी और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल शामिल थे। महुआ मोइत्रा और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता Cजेपी और सोनम वांगचुक के समर्थन में पहुंचे थे, और कांग्रेस के कुछ नेता भी वहां मौजूद थे। हालांकि, तब राहुल गांधी जैसे बड़े चेहरों ने Cजेपी के मंच से दूरी बनाए रखी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस को यह आशंका थी कि ऐसी कोई धारणा न बन जाए कि इस आंदोलन की अगुवाई कोई और कर रहा है, जबकि कांग्रेस खुद अलग-अलग राज्यों में इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही थी।
राहुल गांधी का तीखा हमला
हाल ही में गुरुवार को पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि उन्हें 'सरकारी गवाह' बनना चाहिए, जो राष्ट्रवाद का काम होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "हम भारत में लोकतंत्र को नष्ट नहीं होने देंगे और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी।"
इस दौरान राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के अन्य दो आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की तारीफ भी की। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि इन दोनों आयुक्तों ने कई मौकों पर एसआईआर (SIR) को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिसे राहुल गांधी ने समझदारी भरा कदम बताया है।
कांग्रेस की आगामी रणनीति और सीडब्ल्यूसी की बैठक
चुनाव आयोग के कामकाज के तरीके और एसआईआर जैसे मुद्दों पर पार्टी की आक्रामक रणनीति तैयार करने के लिए 29 अक्टूबर को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की एक अहम बैठक होनी है। इस बैठक में पार्टी आगे के राजनीतिक कदमों पर बड़ा फैसला ले सकती है।
अब देखना यह होगा कि क्या ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के मुद्दे पर राहुल गांधी और अभिजीत दीपके भविष्य में कोई संयुक्त राजनीतिक रणनीति बनाते हैं या फिर दोनों दल अपने-अपने स्तर पर ही सरकार और चुनाव आयोग को घेरने का काम जारी रखते हैं।