लोकसभा में छात्र आंदोलन पर सवाल खारिज: CJP का केंद्र पर हमला, DMK सांसद के तीन नोटिस किए गए रद्द
NEET-UG, पेपर लीक और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर पूछे गए थे सवाल; CJP ने नियम 41(2) का हवाला देकर सवाल निरस्त करने पर जताई आपत्ति
नई दिल्ली (भदैनी मिरर): संसद के हाल ही में संपन्न हुए मानसून सत्र में युवाओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण सवालों को लोकसभा में खारिज कर दिया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने रविवार को इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए सरकार पर संसद में जवाबदेही से भागने का आरोप लगाया।
DMK सांसद ने गृह और शिक्षा मंत्रालय से पूछे थे सवाल
CJP के अनुसार, द्रमुक (DMK) सांसद मथेशस्वरन वी.एस. ने गृह मंत्रालय और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से नोटिस संदर्भ संख्या 101799 और 101801 के तहत तीन सेटों में सवाल पूछे थे। इन प्रश्नों में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषय शामिल थे:
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NEET-UG 2026 परीक्षा की आवेदन फीस की वापसी।
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देश में पेपर लीक, शिक्षा सुधार और छात्र कल्याण से जुड़े कदम।
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दिल्ली में CJP प्रदर्शनकारियों को पेयजल और स्वच्छता सुविधाएं न दिए जाने के आरोप।
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शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का प्रयोग कर रहे नागरिकों के साथ सरकार का व्यवहार और संवाद।
नियम 41(2) का हवाला देकर किया गया निरस्त
DMK सांसद मथेशस्वरन वी.एस. ने लोकसभा सदस्यों के पोर्टल के माध्यम से सवाल खारिज होने की पुष्टि की। इन सवालों को लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के 'नियम 41(2)' का हवाला देकर निरस्त किया गया।
अस्वीकृति के पीछे तर्क दिया गया कि सवाल बहुत व्यापक (Clause i), तर्कों या आरोपों से युक्त (Clause iv), या किसी राय/काल्पनिक स्थिति (Clause v) से संबंधित थे। इसके अलावा न्यायालय में विचाराधीन मामलों (Clause xviii) और संसदीय समितियों के अधीन विषयों (Clause xxii) से जुड़े प्रावधानों का भी हवाला दिया गया।
CJP का कड़ा रुख: "क्या सरकार केवल सड़कों पर जवाब देगी?"
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि इन सवालों को खारिज करने के लिए बहुत अजीब तर्क दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "यदि सांसद संसद में सरकार से सवाल नहीं पूछ सकते, तो गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में आकर जवाब क्यों नहीं दिया? कार्यकारी संस्था को जवाबदेह बनाना ही संसदीय लोकतंत्र की आत्मा है।"
जून से शुरू हुआ था NEET-UG और पेपर लीक विवाद
गौरतलब है कि जून में NEET-UG परीक्षा में धांधली और व्यापक पेपर लीक के खिलाफ CJP के नेतृत्व में छात्र आंदोलन शुरू हुआ था। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर अनशन और 20 जुलाई को निकाले गए 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग और पेलेट गन के कथित इस्तेमाल का मुद्दा काफी गरमाया था।
सरकार द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित अन्य मांगों पर विचार करने के आश्वासन के बाद यह आंदोलन स्थगित हुआ था, लेकिन अब संसद में सवाल खारिज होने से यह विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता दिख रहा है।