सकलडीहा में 2027 की सियासी हलचल: उपेंद्र नाथ सिंह ‘गुड्डू’ की बढ़ती सक्रियता से गरमाई स्थानीय राजनीति
छात्र राजनीति से पूर्व ब्लॉक प्रमुख तक का सफर; 2027 चुनाव से पहले गांव-गांव जनसंपर्क अभियान तेज
भदैनी मिरर, सकलडीहा (चंदौली): उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भले ही अभी समय शेष हो, लेकिन सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां अभी से तेज होने लगी हैं। ग्रामीण इलाकों में संवाद, सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी और जनसमस्याओं पर सक्रियता के चलते स्थानीय स्तर पर संभावित दावेदारों की हलचल बढ़ गई है।
इसी कड़ी में क्षेत्र के प्रमुख चेहरे श्री उपेंद्र नाथ सिंह ‘गुड्डू’ की लगातार बढ़ती सक्रियता, वरिष्ठजनों से संपर्क और युवाओं के साथ संवाद ने स्थानीय राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है।
छात्र राजनीति से लेकर ब्लॉक प्रमुख तक का लंबा अनुभव
उपेंद्र नाथ सिंह ‘गुड्डू’ का सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन काफी पुराना रहा है:
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1995: सकलडीहा पीजी कॉलेज से छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़कर छात्र राजनीति में कदम रखा।
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1999–2001: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़कर काशी विद्यापीठ में छात्र हितों और संगठनात्मक गतिविधियों का नेतृत्व किया।
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स्थानीय निकाय राजनीति: चहनियां ब्लॉक में अपनी पत्नी श्रीमती ममता सिंह जी की जीत में मुख्य भूमिका निभाई। वे चहनियां के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं।
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विधानसभा चुनाव: सकलडीहा (381) विधानसभा सीट से पूर्व में प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।
‘हर गांव, हर परिवार’ अभियान के जरिए सीधा संवाद
वर्तमान में उपेंद्र नाथ सिंह 'गुड्डू' की गतिविधियों का केंद्र सकलडीहा का ग्रामीण अंचल है। वे रामगढ़, महुआरी, धरहरा, निचुपुर, पलिया, हरधन जुड़ा, लक्ष्मणगढ़, सोनहुला, इटवा, मजीदहा, हिनौता, अमिलाई समेत दर्जनों गांवों में चौपालों और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए लोगों से जुड़ रहे हैं।
उनकी आधिकारिक कार्ययोजना में शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, सुदृढ़ सड़कें, किसानों के हित, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार को सकलडीहा के सर्वांगीण विकास की मुख्य प्राथमिकताओं में रखा गया है।
2027 के समीकरणों में क्या होगा खास?
यद्यपि 2027 के चुनावों के लिए किसी भी राजनीतिक दल द्वारा उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उपेंद्र नाथ सिंह 'गुड्डू' के जमीनी जुड़ाव और लंबे सांगठनिक अनुभव को देखते हुए क्षेत्र में उनके पक्ष में माहौल बनता दिख रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि गांव-गांव जारी यह जनसंपर्क अभियान 2027 के मुख्य चुनाव में सकलडीहा की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।